लॉक डाउन में सवारियों की कमी से यात्री बसों के थमे पहिये..
बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण अब लोग सफर करने से परहेज कर रहे हैं। वही जरूरी हो तो ही आना जाना कर रहे है। इसके साथ ही लॉक डाउन होने से भी ग्रामीण क्षेत्रो में आवागमन लगभग बन्द हो गया है। यही वजह है कि यात्री नही मिलने से बसों के संचालन में बस ऑपरेटरों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। नुकसान को देखते हुए बस संचालकों ने लोकल बसों का परिवहन पूरी तरह से बंद कर दिया है। केवल बिहार, यू पी जाने वाली लम्बी दूरी की कुछ बसें ही चल रही है। हालांकि इससे आवश्यक कार्य से कही जाने के लिए अथवा ट्रेन से आये ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बस ऑपरेटरों का कहना है कि पिछले 13 महीनों से यही हाल है।
बीच मे दो तीन महीने स्थिति में कुछ सुधार जरूर आया था लेकिन उस समय भी
बमुश्किल डीजल का खर्च ही निकल पा रहा था। वर्तमान में शासन द्वारा बस
परिचालन बन्द नही किया गया है लेकिन सवारियों के टोटे की वजह से वे बसों का
संचालन स्वतः ही बंद कर दिए है।इधर इस मामले में जिला परिवहन अधिकारी
सुमित अग्रवाल का कहना है कि शासन से बसों के परिवहन पर रोक नही लगाई गई है
लेकिन यात्रियों की कमी की वजह से बसों का संचालन नही हो रहा है। वही
ट्रेन से आने वाले यात्रियों को कोरोंटाईन में रहना है तथा सेंटरों तक ले
जाने के लिए प्रशासन द्वारा बसों की व्यवस्था की गई है जिससे उन्हें
परेशानी नहीं हो रही है।