महासमुन्द : जगन्नाथ पाणिग्राही ने चमरू सिदार के मौत की न्यायिक जांच व परिवार के लिए मुआवजा की मांग की
पांच मांग तथा पांच सवालों के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को लिखा पत्र
महासमुंद जिला भाजपा संगठन प्रभारी,प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जगन्नाथ पाणिग्राही ने महासमुंद जिले के कोविड-19 मरीज चमरू सिदार के मौत की न्यायिक जांच एवं पीड़ित परिवार को पच्चीस लाख रुपए मुआवजा की मांग करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखा है। पत्र में पांच कड़े सवाल एवं पांच मांग करते हुए छत्तीगढ़ सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। 26/04/2021 को ऑनलाइन ईमेल के माध्यम से पाणिग्रही ने मुख्मंत्री को भेजे विस्तृत पत्र के प्रथम और द्वितीय पैराग्राफ मैं 10 से 22 तारिक तक का डे टू डे घटनाक्रम से अवगत कराते हुए तीसरा पैराग्राफ में पांच कड़े सवाल करते हुए निराकरण एवं पांच मांगो को पूरा करने का आग्रह किया है।
जिसमे सवाल :-
1) शव 12/04/2021 को पुलिस को लावारिस मिला था तो परिजनों के पूछने पर कोविड सेंटर द्वारा 20 तारिख तक स्वास्थ में सुधार हो रहा है कि जानकारी कैसे दी गई ।
2) 12 से 21 तारिख तक वार्ड से ,बेड से मरीज गायब था तो कोविड सेंटर के डॉक्टर या प्रभारी को पता कैसे नहीं चला क्या मरीजों को कोविड सेंटर में भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है?
3) 11/04/2021 से 21/04/2021 तक दवाई देने वाला मरीज को कौन कौन सा दवाई दिया? दवाई दिया गया तो उस समय लापता का पता कैसे नहीं चला? यदि दवाई नहीं दिया गया तो क्या सभी मरीज जो सेंटर में हैं उनके नाम पर दवाई इशू तो होता है पर दिया नहीं जाता यह भारी घोटाला का मामला तो नहीं है?
यदि 21/04/2021 तक उसे कोई दवाई इशू ही नहीं किया गया तो क्यों? और क्या सेंटर के मरीजों को बिना दवाई के रखा जा रहा है?
4) 12/04/2021 को जिसका शव पुलिस को मिला है तो उसके परिजनों को ठीक हो रहा है का जवाब सेंटर द्वारा दिया जा रहा था क्या इसी प्रकार सभी मरीजों के परिजनों को जवाब दिया जा रहा है ?
5) 12/04/2021 को शव मिला है इसका मतलब मरीज हस्पिटल से लापता था। इसकी सूचना थाना मैं क्यों नहीं दी गई और परिजनों को 21/04/2021 को गुमशुदा कि खबर दी गई मृत होने की जानकारी मिलने के बाद गुमशुदा रिपोर्ट 21/04/2021 को क्यों किया गया?
मांग:-
1) हाई कोर्ट के किसी जज़ से न्यायिक जांच कराएं।
2) उक्त प्रकरण की एस आई टी गठित कर विवेचना कराएं
3) दोषी व्यक्ति के ऊपर कठोर कार्यवाही कराएं जिससे इस प्रकार की घटना कि पुनरावृत्ति ना हो।
4) मृतक के परिजन को 25 लाख रुपए का मुआवजा दिलाने की कृपा करें।
5) स्वास्थ मंत्री और मुख्यमंत्री महामारी के समय आपसी तालमेल के साथ कोविड से निपटने का प्रयास करें जिससे इस प्रकार की घटना घटित ना हो।