टेस्टिंग के पहले फोन नंबर की जांच कर 48 घण्टे के अंदर दें आरटीपीसीआर रिपोर्ट...
कलेक्टर भीमसिंह ने आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समय सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने जिले में कोविड संक्रमण की रोकथाम और संक्रमित मरीजों की उपचार व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संक्रमण की रोकथाम के लिए शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में बराबर फोकस रखना है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी लॉकडाउन का सख्ती से पालन हो। उन्होंने सारंगढ़ क्षेत्र में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए वहां के प्रशासनिक अमले को लॉकडाउन का सख्ती से पालन करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने अनावश्यक बाहर घुमने फिरने वालों पर कड़ी कार्यवाही करने के लिये कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में लाऊडस्पीकर के माध्यम कोरोना गाइडलाइन्स का प्रचार-प्रसार करने और उसका पालन सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने सीएमएचओ डॉ.केशरी को जिले के ग्रामीण इलाकों में से यदि कोई गांव हॉट-स्पॉट बन रहा है तो उस पर विशेष नजर रखने और वहां ज्यादा से ज्यादा लोगों की टेस्टिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की शहरी के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी संक्रमण की रफ्तार रोकने के लिये पूरी सतर्कता से काम करना होगा।
उन्होंने जिले में शासकीय अस्पतालों और कोविड केयर सेंटर के साथ निजी हॉस्पिटल्स में भी ऑक्सीजन बेड बढ़ाने के लिए कहा। सीएमएचओ ने बताया कि सारंगढ़ में राधा कृष्ण हॉस्पिटल्स में अब 40 बेड चालू कर दिया गया है। जिसमें से 32 ऑक्सीजन, 6 आईसीयू और 2 वेंटीलेटर बेड हैं। इसी प्रकार एसआरएम हॉस्पिटल द्वारा शुक्ला मैरीज पैलेस सारंगढ़ में 15 आक्सीजन बेड शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही लैलूंगा में 20, लोइंग में 30 और तमनार के जिंदल अस्पताल में 15 ऑक्सीजन बेड शुरू कर दिए गए हैं। कलेक्टर श्री सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन बेड बढ़ाने के साथ आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था भी तेजी से की जा रही हैं। डीएमएफ व सीएसआर से बाईपेप मशीन, वेंटीलेटर और ऑक्सीजन कंसेंनट्रेटर की व्यवस्था की जा रही है। इन्हें रायगढ़ शहर के शासकीय कोविड अस्पतालों के साथ ही सारंगढ़, खरसिया, धर्मजयगढ़ और लैलूंगा के कोविड अस्पतालों में भी उपलब्ध कराये जायेंगे। जिससे विकासखंड स्तर पर भी आवश्यक उपकरणों की सुविधा मरीजों को मिल सके।
24 घंटे में ट्रूनाट और 48 घंटे में आरटीपीसीआर रिपोर्ट देने की बनाये व्यवस्था
कलेक्टर श्री सिंह ने स्वास्थ्य अमले से कहा कि सैंपलिंग के बाद आरटीपीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट 48 घंटे और ट्रूनाट की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर देने की व्यवस्था बनाये। लक्षणयुक्त तथा गंभीर मरीजों के साथ संक्रमित के प्राइमरी कांटेक्ट की टेस्ट रिपोर्ट जल्द तैयार करें।
टेस्टिंग के पहले फोन नंबर की करें जांच-
कलेक्टर श्री सिंह ने पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद मरीजों से जल्द से जल्द संपर्क कर उन्हें होम आइसोलेशन या अस्पताल शिफ्टिंग का काम जल्द करने के लिये कहा। मरीजों के हॉस्पिटल शिफ्टिंग कार्य की मॉनिटरिंग के लिये डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए। होम आइसोलेटेड मरीजों की अधिक संख्या को देखते हुए उनके नियमित फॉलोअप करने के लिये डॉक्टर्स की संख्या बढाने के लिये कहा।
इस बीच कई मरीजों द्वारा टेस्टिंग के दौरान सही नंबर नहीं दिए जाने की बात सामने आई। इसके लिये कलेक्टर श्री सिंह ने दूसरे विभागों से कर्मचारियों की ड्यूटी टेस्टिंग सेंटर में लगाने के लिये कहा। जिनका काम टेस्टिंग करवाने आये व्यक्ति के फोन नंबर पर डायल कर के यह देखना होगा कि नंबर सही है और टेस्टिंग कराने वाले व्यक्ति से संबंधित है। इससे बाद में पॉजिटिव आने के बाद नंबर गलत होने से मरीज को खोजने वाली मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि कोविड का उपचार कर रहे निजी अस्पतालों में डॉ.खूबचंद बघेल और आयुष्मान भारत योजना के हितग्राहियों से निर्देशानुसार शुल्क लिया जाये। इसकी जांच करते रहने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को दिए। इसके साथ ही निजी अस्पतालों की मॉनिटरिंग करने और ऑक्सीजन बेड अलॉटमेंट की जांच करने के निर्देश दिए।