बसना विधानसभा – चुनावी मौसम में पार्टी के नेताओं की गतिविधियाँ तेज़
बसना - जैसे जैसे चुनावी समय नजदीक आ रहा है बडे- बडे नेताओं की गतिविधियाँ तेज़ होती जा रही है सारे नेताओं को पोलिंग बुथ पर स्तर मजबुत होना है, जिसके लिए सभी नेताओं की कार्यक्रम में जाने की होड़ लगी हुई है मौका कोई भी नहीं खोना चाहता है. पिछले 2 से 3 महीनों में सोशल मीडिया में भी सभी अपनी निरंतर गतिविधियों को लोगों के साथ शेयर कर रहे है. मगर वहां कौन जायेगा जहाँ अव्यवस्था है और बार बार वैसे ही मामले सामने आते है. वहां जहाँ विकास पीछे रह गया है.
1 अस्पताल
पत्रिका बसना से की कैसे सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र बसना के कर्मचारी वहां के मरीजों को निजी अस्पतालों में जाने की सलाह देते है.

दूसरी खबर हरिभूमि बसना से है की, किस तरह से दर्द से तड़प रही गर्भवती महिला को सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र बसना के कर्मचारियों ने डरा धमका कर भगाया.

तीसरी खबर पत्रिक बसना से की, सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र बसना में एक्स-रे की मशीन बंद थी

2 शौचालय
अब बात करते है शौचालय की जहाँ कभी अफसर आते है शौचालय के आधे अधूरे कार्य होने के बावजूद उस गाँव को ओडीएफ घोषित कर चले जाते है

कहीं ओडीएफ तो घोषित हो जाता है पर निर्माण कार्य तभी हो पता है जब उनकी ख़बरें अख़बारों में प्रकाशित होती है

कहीं वर्षों से अधूरे पड़े थे शौचालय और बने भी तो ऐसे की धस कर गिरने की कगार पर है

एक खबर तो ऐसी भी है की शौचालय का निर्माण नहीं हुआ पर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया

ग्राम जमदरहा जहा से ये बात सामने आई की किस प्रकार प्रधानमंत्री आवास का निर्माण बिना शौचालय के हो रहा है और शौचालय स्वयं के खर्चे से बनाने का दबाव डाला जा रहा है

3. सड़क
बसना सरायपाली विकासखंड के अंतिम छोर में बसे 10 से 12 गाँव जहाँ की लोगों को 70 वर्षों से लगातार सड़क और पूल निर्माण की आस है

कहीं सड़के बनती तो है पर साल भर भी टिक नहीं पाती

बसना जहाँ आज भी हाईटेक गौरव पथ निर्माण के लिए भूमिपूजन तो हुई मगर कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ

कुछ सड़कों पर तो सिर्फ गड्ढ़े ही रह गए है
बसना से भंवरपुर मार्ग.
बसना से दलदली जो की गनेकेरा, बरगांव, कोलिहादोरी, नौगढ़ी और धुमाभांटा से होकर गुजरता है,
बसना से खटखटी मार्ग

पार्टी के नेताओं को इन सब मुद्दों पर भी कुछ करना चाहिए.