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महासमुन्द:किसानों पर मुसीबत का दोहरा मार,व्यापारियों की खुली लूट के साथ बेमौसम बारिश का कहर झेल रहे किसान

किसान अपनी फसल कौड़ी के दाम बेचने हुए मजबूर ,साथ ही बेमौसम बारिश एंव ओलावृष्टि ने तोड़ी किसानों की कमर
जिले में एक तरफ कोरोना कहर बरपा रहा है वही दूसरी तरफ बे मौसम बारिश और ओलावृष्टि होने से किसानों के रबी सीजन फसल चौपट हो गया है ,कोरोना महामारी के चलते जिले में लॉक डाउन चल रहा जिसके वजह से किसानों को मजदूर नही मिल रहे है ,हर जगह फसल काटने वाले हार्वेस्टर मशीन की उपलब्धता भी नही है।जिसके वजह से जिले के कई किसानों को मुसीबतों के साथ साथ भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है ।
ग्राम भानपुर के किसान डिगेश यादव जिसकी 5 एकड़ में लगे रबी धान की फसल बीते दिन बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण पूरी तरह से बर्बाद हो गया है ,ऐसे गांव के अन्य किसान के खेतों में अभी फसल खड़ी है जिसके कटाई में कुछ दिन का समय लगना था ।
जो किसान फसल काट कर घर ले आये है उसके उचित भंडारण की व्यस्था भी नही है जिसके चलते कोचियों के माध्यम से या किसान मज़बूर होकर राइस मिल में ले जाकर अपनी गाढ़ी मेहनत की कमाई फसल को पानी के दाम बेचने मजबूर है ।
वर्तमान समय मे 1100 से 1300 रु तक बिक रहा है धान।
दूसरी ओर रबी सीजन में लगे फसल को खरीदने सरकारी खरीदी की कोई व्यस्था न होने के कारण कोचिए एंव बड़े व्यापारी ,राइस मिलर्स भी किसानों से ऑनलाइन धान की बोली लगाकर किसानों की फसल का औने पौने दाम पर सौदा कर मजबूरी का पूरा फायदा उठा रहे है।
भानपुर निवासी डिगेश यादव ने बताया कि 5 एकड़ खेती में जुताई बुवाई खाद बीज और मज़दूर की लागत 80 हजार तक आया है और अभी फसल की कटाई में भी 15 से 20हजार की अनुमानित लागत आएगी
और अभी बेमौसम बारिस के चलते उनके खेत से उपज धान पूरी तरह से बर्बाद हो गया है।
डिगेश यादव अपनी दुख और पीड़ा बताते हुए अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधि विधायक सांसद सहीत जिला प्रशासन को भी गुहार लगा रहे कि नष्ट हुए फसल का मुवावजा मिलना चाहिए तभी हम किसान भाई अपनी अगले सीजन खरीब फसल की खेती के लिए साधन जुटा पाएंगे।रबी की फसल के लिए तो हम सब किसान भाई बैंक से या साहूकार से कर्ज लेकर रबी की फसल लगाए थे,उनके रकम अदा करने लायक भी हमारे फसल नही बची है । ऐसे में हम किसान भाई आगे की खेती करने को लेकर बहुत चिंतित है सासन प्राशासन को हमारे क्षेत्र के किसानों की पीड़ा समझते हुए ध्यान देने की जरूरत है।


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