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आंध्र प्रदेश गए मजदूरों की शुरू हुई वापसी छोटी सी चूक हो सकती है जानलेवा, छत्तीसगढ़ में आंध्र वेरिएंट का खतरा

देवभोग:- गरियाबंद जिले के अंतिम छोर में बसा देवभोग क्षेत्र का है अब तक 29 मजदूर आ चुके,किन्तु नही हैं पंचायतो में पृथक कोरोंटाइन सेंटर सीधे घर पहुंच रहें हैं मजदूर। एसडीएम के निर्देश के बावजूद पंचायतों ने नही की है तैयारियां। आंध्र में काम कर रहे मजदूरों की वापसी देवभोग में शुरू हो गई है जिसको लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया हैं किन्तु निर्देश के बावजुद भी पंचायतो में लौटने वाले मजदूरों के लिए पृथक से अब तक नही बनवाया होमआइसोलेशन सेंटर नही बनवाया हैं,पिछले दो दिनों में लौटने वाले सभी 29 मजदूर अपने घरों में मौजूद हैं।

गौरतलब हो कोरोना महामारी के आंध्रप्रदेश वैरियंट को लेकर राज्य भर में अलर्ट जारी किया गया है।आंध्र से लौटने वालो पर निगरानी व सावधानी के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए है।लेकिन इस निर्देश का पालन मैदानी स्तर पर देखने को नही मिल रहा है।आज आंध्र के जलगुंडा में काम करने वाले 8 मजदूरों की सूबह 10 बजे वापसी हुई है,ये सभी आंध्र सीमा से लगने वाले ओड़िसा से किराए के बोलेरो से लौटे है।

वापसी होने वाले में कुम्हडाई कला व सेनमूड़ा से 2-2,कोसुमकानी से 4 मजदूर वापसी किये हैं।सम्बंधित पंचायतो को इसकी सूचना भी है।पर पँचायत स्तर पर होमआइसोलेशन सेंटर की ब्यवस्था नही होने के कारण ये लोग सीधे अपने अपने घरों में चल दिये हैं।मामले कि जानकारी जनपद सीईओ आर एस साहू को लगी तो ये सम्बंधित पँचायत तत्काल पहूच गए।

साहू ने बताया कि सेंटर के लिए एक माह पहले ही निर्देशित किया गया है।आज लौटने वाले मजदूर पँचायत सचिवों के कहने के बावजूद कोरोना जांच नही करवाया है ,विषय गम्भीर था,आज सभी से सम्पर्क कर कोरोना जांच के लिए समझाया गया है।पँचायत को भी निर्देशो का कड़ाई से पालन करने कहा गया है ।इन 8 अलावा फलसापारा ग्राम में 21 लोग और आ चुके है,जिन्हें विधिवत जांच करवा कर घरों में जाने कहा गया है।

जनपद पंचायत द्वारा एसडीम को सौपे गए सूची के मुताबिक 94 गांव में से 38 गांव से 429 लोग पंरपरागत तरीके से आंध्र के खम्मम व वारंगल जिले में ईंट भठ्ठी में काम करने गए हैं।जबकि सूत्र बताते है इन दो जिलो के अलावा हैदराबाद, भद्राचलम समेत आंध्र के 6 जिलों में 1 हजार से भी ज्यादा मजदूर काम करने गए हैं।प्रत्येक साल दिसम्बर माह में मजदूर चले जाते हैं,जिनका पूरे मई माह में लौटना होता है।ऐसे में प्रसाशन के अलावा ग्रामीणों को भी अलर्ट मोड पर रहना होगा।ऐसे लौटने वालो की जानकारी तत्काल प्रसाशन को दे ताकि समय पर उनकी जांच व कोरोंटाइन में रखा जा सके।

खोकसरा, झाखरपारा सीमा से ही होगा प्रवेश

आंध्र में गए मजदूर अपने निजी संसाधनों से ओड़िसा के कोरापुट,जयपुर व नवरंगपुर जिले से लगने वाले आंध्र सीमा के रास्ते प्रवेश कर रहे है।बसों का संचालन बन्द है,ऐसे में समूह में मजदूर किराए के वाहन कर किसी तरह सीमा प्रवेश कर रहे हैं, ज्यादातर ओडीसा के वाहन को ही किराए पर ले रहे है ,ये वाहन उन्हें आंध्र सीमा पर उपलब्ध हो जा रहा है,बसों के संचालन के बाद वापसी की संख्या बढ़ जाएगी।खबर यह भी है कि 30 से 40 परिवार आंध्र बार्डर पार कर पैदल निकल चुके है वापसी के लिए।जयपुर से होते नवरंगपुर जिले में सफर करने की सूचना है।सभी की वापसी खोकसरा ,झाखरपारा के रास्ते ही ये देवभोग ब्लॉक प्रवेश करेंगे।

मई माह के अंतिम तक सबकी वापसी तय, सावधान रहने की जरूरत, सीमाओं पर अलर्ट करने पहूँचे सीईओ

लौट रहे मजदूरों की सूचना के बाद आज जनपद सीईओ रामस्वरूप साहू खोकसरा बॉर्डर पर बने चेक गेट पहूचे।पीओ एस के नारंगे भी साथ मे थे।अफसरों ने ड्यूटी पर तैनात सभी को अलर्ट किया है साथ ही पँचायत पदाधिकारी व कर्मियों को भी इस मामले को गम्भीरता से लेने व जारी निर्देशो का पालन करने में गम्भीरता दिखाने की हिदायत दिया है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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