गुणवत्ता हीन सी सी रोड़ से ग्रामीण भड़के कार्यवाही की मांग सरपंच सचिव पर मनमानी के आरोप
मैनपुर ब्लाक के ग्राम पंचायत डुमाघाट का मामला सामने आया है सरकार द्वारा जारी किया गया विभिन्न कार्ययोजना के जरिये राशि ग्राम पंचायतों को दिया जाता है पर हकीकत ग्रामीण स्तर सरकार के मंशा अनुरूप कार्य न हो पाना मापदंडों में खरा नहीं उतरना जैसे मामलों में पंचायतों की अनदेखी और मनमानी का नतीजा सामने दिखाई देता है और जब इसके विरोध में आवज़े उठना शुरू होता है तब लीपापोती बयान जारी किया जाता है ग्रामीणों को मदों की राशि का विविरण देने के बजाय सरक्षण के बल पर उल्टा ग्रामीणों से उलझते है ऐसे कई मामले इन दिनों इलाके के ग्राम पंचायतों में देखने को मिलता है
सीसी रोड का मामला
जिला गरियाबंद के आदिवासी विकासखण्ड मैनपुर
अंतर्गत ग्राम पंचायत डुमाघाट में गुणवत्ता हीन सीसी रोड निर्माण करने की
खबर सामने आया है मामला ग्राम पंचायत डुमाघाट के आश्रित ग्राम कांडसर के
नवापारा का है जो कि 250 मीटर सी सी सडक स्वीकृत हुआ था जिसे निर्माण
कार्य तो किया गया है लेकिन कोई भी निर्माण कार्य करने से पहले निर्माण
स्थल पर सुचना बोर्ड बनाया जाता है पर बोर्ड भी नहीं लगने की बात कही जा
रही है पंचायत सचिव से जानकारी लिया गया तो कांडसर नवापारा का सी सी सडक
250 मीटर स्वीकृत हुआ है एवं इजिनियंर मुलियाकंन करने के बाद सुचना बोर्ड
निर्माण स्थल पर लगाया जायेगा
विभागीय कार्ययोजनाओं पर गौर करें तो सी
सी सडक 7 से 8 ईचं का निर्माण कार्य किया जाता है एवं निर्माण कार्य से
पहले उर्मीकरण कर सी सी सडक बनाया जाता है पर ग्राम पंचायत डुमाघाट के
आश्रित ग्राम कांडसर के नवापारा में बना सीसी रोड़ 7 से 8 ईचं जगह 4से5
बनाने का आरोप है दुसरीं ओर यहाँ गुणवत्ता हीन सीमेंट का उपयोग किया गया है
पंचायत के नियमों कानुन को दर किनार कर निर्माण कार्य किया है जिससे सी
सी सडक एक साल का भी ठीकना मुश्किल है इस निर्माण कार्य देखकर ऐसा प्रतीत
होता है कि किस तरह से पंचायत के सरपंच व सचिव लिपापोती कर निर्माण कार्य
किया गया है सीसी रोड 250 मीटर बनाने के जगह कम बनाकर किसी तरह से राशि का
बंदरबांट करने में लगे होना प्रतीत होता है ओर इससे साफ जाहिर होता है
पंचायत में किस तरह धांधली चल रहा है जिसपर नाराज ग्रामीण अब कार्यवाही की
मांग कर रहे है