खम्भारगुड़ा में पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण, 800 की आ... - CG Sandesh

खम्भारगुड़ा में पेयजल की समस्या से जूझ रहे ग्रामीण, 800 की आबादी के लिए एक मात्र हैंडपम्प ही बना सहारा

देवभोग। खम्भारगुड़ा के ग्रामीण इन दिनों पेयजल की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों की समस्या इतनी ज्यादा बढ़ गयी है कि उन्हें पीने के पानी के लिए जदजोहद करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक गॉव का एक मात्र हैंडपम्प पीने के लायक है,वही आधा से ज्यादा हैंडपम्प में खारा पानी निकल रहा है। वही कुछ हैंडपम्प खराब भी हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में उन्हें गॉव के एक मात्र हैंडपम्प से काम चलाना पड़ रहा है। वही पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने आज खोखसरा सरपंच कृष्ण कुमार चुरपाल और सचिव संजय शर्मा के साथ पहुंचकर एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो को समस्या से अवगत करवाया। मामले में समस्या सुनने के बाद एसडीएम अनुपम आशीष टोप्पो ने जल्द ही समस्या का निराकरण करने का आस्वाशन सरपंच सचिव को दिया है।

देवभोग के एसडीएम दफ्तर पहुंचे गॉव के सरपंच कृष्ण कुमार चुरपाल और ग्रामीण प्रदीप यादव ने बताया कि खम्भारगुड़ा में 800 की आबादी है। वही गॉव के पूरे लोगों को इस समय मात्र एक ही हैंडपम्प से पीने का पानी लेना पड़ रहा है। सरपंच के मुताबिक गॉव के आधा से ज्यादा हैंडपम्प में पीने योग्य पानी नही निकल रहा है,वही एक ही हैंडपम्प में पानी पीने योग्य आता है,ऐसे स्थिति में पूरे गॉव के लोग एक किलोमीटर का सफर तय कर अलसुबह से हैंडपम्प के सामने आकर पानी लेने के लिए इंतज़ार करते हैं। ग्रामीणों की माने तो कई बार हैंडपम्प का लगातार ज्यादा उपयोग करने से पानी आना भी बंद हो जाता है,कुछ देर तक इंतज़ार करने के बाद पानी आता है। गॉव के सरपंच के साथ ही ग्रामीणों ने एसडीएम से जल्द ही सोलर पंप गॉव में लगवाए जाने की मांग की है।

गर्मी आते ही सुख जाता है तालाब

सरपंच ने एसडीएम को अवगत करवाते हुए बताया कि गर्मी आते ही गॉव का तालाब भी पूरी तरह से सुख जाता है। ऐसी स्थिति में पूरे गॉव के लोगों के लिए निस्तार के लिए हैंडपम्प ही सहारा रह जाता है,ग्रामीणों ने एसडीएम टोप्पो से तालाब को गहरीकरण करने की मांग भी किया है। वही निजी तालाब को साफ करवाये जाने की मांग भी एसडीएम के सामने ग्रामीणों रखी है।


author

पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
अन्य सम्बंधित खबरें