बस्तर संभाग के सिलगेर में हुई गोलीबारी को लेकर राष्ट्रपति एवं राज्यपाल के नाम एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला गरियाबंद के द्वारा सुकमा जिले के सिलगेर में सीआरपीएफ कैंप खोले जाने का विरोध दिनांक 13/05/2021 से शांतिपूर्ण रूप से चल रहा था। लेकिन विरोध कर रहे आदिवासियों ग्रामीणों की भीड़ पर दिनांक 17/05/2021 को अचानक गोली चलाई गई, आंसू गैस के गोले छोड़े गए तथा मारपीट भी किया गया जिसमें 3 ग्रामीण आदिवासियों की मौत हो गई जबकि दर्जनों से भी अधिक ग्रामीण घायल हो गए है। मारे गए तथा घायल लोगो को पुलिस द्वारा माओवादी बताया गया है और ग्रामीणों के विरोध को माओवादी प्रायोजित बताया गया है। जबकि ग्रामीणों का आरोप है कि अनुच्छेद 244(1) के तहत बस्तर संभाग पांचवीं अनुसूची क्षेत्र है। सुकमा जिला के ग्राम सिलगेर में बिना ग्राम सभा की अनुमति के जबरन खोले जाने का विरोध ग्रामीण कर रहे है। जो मारे गए वह ग्रामीण थे जो उस विरोध प्रदर्शन में सभी के साथ सम्मिलित थे किंतु जो मारे गए वह घायल ग्रामीणों को ही पुलिस प्रशासन के द्वारा नक्सली का आरोप लगाया जा रहा है। जो बे बुनियादी निराधार है। इस प्रकार की घटना बस्तर संभाग मैं पहली बार नहीं है, नक्सली उन्मूलन की आड़ में आदिवासियों को परेशान किया जाता है। जिस संबंध मैं आज गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन जिला गरियाबंद के द्वारा मामले की उच्च स्तरीय जांच के लिए महामहिम राष्ट्रपति के साथ महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया। गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन गरियाबंद के सदस्य चौहान सिंह ध्रुव एवं समुधर मांझी आदि उपस्थित रहे।