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बस्तर सिलगेर गोलीकाण्ड की निष्पक्ष जांच के लिए,मुख्यमंत्री के नाम किया पत्र प्रेषित -मनोहर

बस्तर के सिलगेर गोली कांड को लेकर आदिवासी नेता मनोहर ठाकुर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्वीट कर पत्र प्रेषित किया है। जिसमें अविलंब जांच कर दोषियों के खिलाफ समुचित कार्यवाही के लिए जोर दिया गया है।

अखिल भारतीय गोंड़ महासभा 18 गढ़ के केन्द्रीय महामंत्री एवं सर्कल अध्यक्ष मनोहर ठाकुर ने पत्र में कहा है कि जब से नक्सलियों का जमावड़ा बस्तर में हुआ है तब से आदिवासी समाज मौत के तांडव से ऊबर नहीं पा रहा है।बस्तर में हमारे आदिवासी लोग पुलिस और नक्सलियों के बीच हमेंशा तलवार की धार या गोलियों के बौछार से प्राण की आहुति देते आ रहे हैं, इतना ही नहीं बल्कि नक्सलियों के फरमान के इशारे में मजबूर आदिवासी को नक्सली करार देकर पुलिस की गोली से मौत के मुंह में डाल दिया जाता है या फिर नक्सली आत्मसमर्पण के नाम दे दिया जाता है। ठीक दूसरे तरफ पुलिस के खौफनाक रवैया से पुलिस की मुखबिरी समझ नक्सली के हाथ बेमौत आदिवासी ही मारा जाता है। 

यहां पर एक दिलचस्प पहलू यह भी आता है कि कई पुलिस कर्मी नक्सली मुठभेड़ में शहीद हो जाते हैं वो भी आदिवासी ही हैं।आखिर आदिवासियों के ये मौत का तांडव कब तक चलता रहेगा ? बस इसी तांडव के परिणति के रूप में बस्तर सिलगेर गोली कांड में भी आदिवासियों को मौत के मुंह में धकेल दिया जाता है और पुलिस फोर्स अपनी कामयाबी का झूठा पुलिंदा मौत के घाट में उतारे आदिवासियों को नक्सली करार दिया जाता है। बस्तर के आदिवासीअपनी सामान्य जन-जीवन की आशा में निहारते शासक की ओर टक टकी लगाये हुए हैं परन्तु सत्ता पक्ष व विपक्ष के बीच यह "आदिवासी मौत के तांडव" राजनीतिक मुद्दा बनकर ही रह जाता है।

ठाकुर ने माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह करते हुए कहा है कि वर्षों पूर्व घटनाओं की भांति बस्तर के सिलगेर गोली कांड भी किसी राजनीतिक मुद्दा की भेंट न चढ़ जाय, वर्षोंं से पीड़ित-शोषित आदिवासियों को न्याय मिले, इसके लिए त्वरित निष्पक्ष जांच के साथ अविलंब समुचित निर्णय संपादित कर संवेदनशील शासन की परिचय दिया जावे।


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