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गोधन न्याय योजना का जिले के ग्रामीण अंचलों में नहीं हो रहा है सफल क्रियान्वयन- युमेन्द्र कश्यप

मैनपुर- युवा संघर्ष मोर्चा गरियाबंद जिलाध्यक्ष युमेन्द्र कश्यप नें छत्तीसगढ़ राज्य सरकार के "गोधन न्याय योजना" को लेकर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा- कि छत्तीसगढ़ में गौपालन को आर्थिक रुप से लाभदायी बनाने और खूले में पशू चराने की प्रथा को रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा गत वर्ष 20 जुलाई 2020 हरेली पर्व के दिन गोधन न्याय योजना की शुरुआत की गई। गोधन न्याय योजना के अंतर्गत किसानों एवं पशूपालकों से गोबर खरीद कर गोबर से वर्मी कंपोस्ट (खाद) बनानें एवं गोधन न्याय योजना के माध्यम से किसानों के आय में वृद्धि करने के उद्देश्य से योजना संचालित की जा रही है, लेकिन इस योजना का गरियाबंद जिले के ग्रामीण अंचलों में सफल क्रियान्वयन नहीं हो रहा है। सुदूर अंचलों के गांवों में यह योजना अधर में पड़े गोते खा रहा है, कई ग्रामों में तो गौठान का निर्माण तक नहीं किया गया है। अब भी पशूपालक खूले में पशू चरा रहे हैं, जबकि इस योजना को खूले में पशू चराने की प्रथा को रोकने एवं किसानों एवं पशूपालकों को लाभ दिलाने के उद्देश्य से संचालित की गई है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इसका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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