नई दुनिया पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड  को हुए दस साल से भी... - CG Sandesh

नई दुनिया पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड को हुए दस साल से भी ज्यादा....सिर्फ याचिका और आवेदन तक सिमटी न्याय व्यवस्था

याचिकाकर्ता को अबतक न्याय नहीं मिलने से हाईकोर्ट से जांच रिपोर्ट लेने हेतु आवेदन किया जा रहा है। इस हत्याकांड में पुलिस और सीबीआई जांच एजेंसियों पर भी कई आरोप की बातें सामने आयी, पुलिस के ऊपर इस हत्याकांड में साक्ष्य छुपाने के आरोप में एक थानेदार का गिरफ्तारी वारंट भी जारी हुआ था किंतु गिरफ्तारी नहीं हो पाई और वह आज भी नौकरी कर रहा है यह समझ से परे है। कि वह कानून से कैसे बाहर है। याचिकाकर्ता की मानें तो इस हत्याकांड में कई बड़े नामों का खुलासा होने की संभावना है। दुर्भाग्य की बात ये भी हो जाती है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ समझे जाने वाले पत्रकार को घटना के दस वर्ष बीत जाने पर भी न्याय नहीं मिल पाना एक गंभीर सोचनीय विषय प्रतीत होता है। 

जिला गरियाबंद के के पत्रकार उमेश राजपूत की 23 जनवरी 2011 को उनके निवास स्थान पर घर में पांच लोगों की उपस्थिति में दिनदाहड़े गोलीमारकर कर हत्या कर दी गई थी। जिस पर चार वर्षों तक स्थानीय पुलिस के द्वारा जांच की गई किंतु अपराधियों की गिरफ्तारी नहीं होने से मृतक के छोटे भाई ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जहां घटना के चार वर्ष बाद सीबीआई जांच का आदेश मिला बावजूद पांच साल बाद भी अपराधी कानून की नजरों से बचते रहे। मामले की सुनवाई विशेष सीबीआई कोर्ट रायपुर में चलती रही, किंतु हाईकोर्ट में सीबीआई की जांच रिपोर्ट नहीं पहुंची पाई जबकि हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि जितनी जल्दी हो सके पत्रकार उमेश राजपूत हत्याकांड में जांच कर जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया गया था।


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