लोरमी- लोरमी शिव घाट मंदिर परिसर में भगवान जगन्नाथ यात्रा निकाली गयी...
कोरोना काल के बीच पूरे देशभर में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा निकाली जा रही है. कोरोना संकट के कारण इस बार भी श्रद्धालुओं को यात्रा में शामिल होने की इजाजत नहीं है. सिर्फ मंदिर परिसर से जुड़े लोग और कुछ अन्य लोग ही इसमें शामिल हो रहे हैं. मुंगेली जिले के लोरमी शिव घाट स्थित मंदिर परिसर में जगन्नाथ यात्रा निकाली गई भगवान जगन्नाथ की पूजा अर्चना की गई साथ ही प्रदेश एवं देश में खुशहाली की कामना की गई बता दें कोविड नियमों का पालन करते हुए रथ यात्रा का आयोजन किया गया
हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भगवान जगन्नाथजी की रथ यात्रा निकाली जाती है। रथयात्रा में भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा का रथ भी निकाला जाता है। इस रथ यात्रा को लेकर मान्यता है कि एक दिन भगवान जगन्नाथ की बहन सुभद्रा ने उनसे द्वारका के दर्शन कराने की प्रार्थना की थी। तब भगवान जगन्नाथ ने अपनी बहन की इच्छा पूर्ति के लिए उन्हें रथ में बिठाकर पूरे नगर का भ्रमण करवाया था और इसके बाद से इस रथयात्रा की शुरुआत हुई थी।
जगन्नाथजी की रथ यात्रा के बारे में स्कंद पुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और ब्रह्म पुराण में भी बताया गया है। इसलिए हिंदू धर्म में इसका विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस रथयात्रा में शामिल होकर इस रथ को खींचता है उसे सौ यज्ञ करने के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।
