जिस गाँव में बच्चों को बांटी थी किताबें, फहराया था झंडा, उसी... - CG Sandesh

जिस गाँव में बच्चों को बांटी थी किताबें, फहराया था झंडा, उसी गाँव में नक्सलियों की गोली से शहीद हुए सुधाकर शिंदे.

जिस गाँव में 5 दिन पहले आइटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट ने झंडा फहराया था, उसी गाँव में नक्सलियों की गोली से आइटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट सुधाकर शिंदे शहीद हो गए. नक्सली हमले में शहीद होने के बाद जो तस्वीरें आइटीबीपी के असिस्टेंट कमांडेंट सुधाकर शिंदे की गाँव से सोशल मिडिया में निकलकर आई है वह भावुक करने वाली है. 


15 अगस्त को जिस जगह पर सुधाकर शिंदे गांव वालों के साथ आजादी का त्यौहार मना रहे थे उसी जगह नक्सलियों के हमले में उनके शहीद होने की खबर 20 अगस्त शुक्रवार को सामने आई. 


सुधाकर शिंदे ने गाँव वालों के साथ आजादी का जश्न मानते हुए वहां के बच्चों को किताबें जरुरत मंदों को कपड़े और भी कई चीजें बांटी थी. वो चाहते थे की नक्सल प्रभावित इलाके के बच्चे भी पढ़-लिखकर उनकी तरह देश की सेवा करें.


लेकिन उसके ठीक 5 दिन बाद नक्सलियों ने उनके गस्त के दौरान फायरिंग शुरू कर दी. और अचानक हुए इस हमले में असिस्टेंट कमांडेंट सुधाकर शिंदे और एएसआई गुरुमुख सिंह को गोली लग गई और वो शहीद हो गए.

सुधाकर शिंदे आईटीबीपी 45 बटालियन में असिस्टेंट कमांडेंट थे. वो महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के रहने वाले थे.









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