क्या सच में गलत जानकारी देकर सरायपाली को देश की नंबर 1 नगर पालिका बनाया गया ?
स्वच्छता में देश की नम्बर -1 नगर पालिका सरायपाली क्या सच में सरायपाली स्वच्छता में नगरपालिकाओं में सबसे आगे निकल गया है, यदि सरायपाली का ये हाल है तो सोचिये बाकि नगरपालिकाओं की क्या हालत होगी इस देश में-
सरायपाली को स्वच्छता में देश की नम्बर -1 नगर पालिका बनाने के बाद बहोत सारी ऐसी बातें सामने आ रही है जो की, सवाल खड़ा करती है सरायपाली को स्वच्छता में देश की नम्बर -1 नगर पालिका पर .
क्या कहते है नगरवासी
1 . सरायपाली के पत्रकार श्री दिलीप गुप्ता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा की - #स्वच्छ भारत मिशन 2018# जो चीज हुई नही! उसका ढिंढोरा नगर पालिका पिट रही है l गन्दगी देखनी हो तो सरायपाली आएं साथ ही उन्होंने वहां की फोटो शेयर की
2. आशिक हुशैन ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा की लबरा नगरपालिका सरायपाली झूठा डाटा दिखाकर नंबर 1 तमगा प्राप्त किये. साथ ही उन्होंने 10 फोटो शेयर की जिसे बहोत से लोगों का समर्थन मिला
3. सरायपाली नगरपालिका वार्ड नंबर 8 के पार्षद श्री हरदीप सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा की -
नगर पालिका प्रशासन सराईपाली का भेद भाव पूर्ण रवैया लगातार अब भी जारी है एक और जहां शहर में धूल ना उड़े उसके लिए पानी का छिड़काव गायत्री मंदिर से लेकर के पुरानी नगर पालिका तक किया जा रहा है दूसरी और झिलमिला चेक पोस्ट जहां धूल का गुबार उड़ रहा है वहां पर एक बूंद पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है जो की बहुत ही निंदा का विषय है नगर पालिका प्रशासन क्षेत्रवाद को बढ़ावा दे रही है और भेदभाव कर रही है .
साथ ही उन्होंने नगर पालिका प्रशासन सराईपाली को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमे झिलमिला चेक पोस्ट पर धूल से सारे व्यापारी संघ परेसान है
इन सारी बातों से सवाल ये उठता है की क्या सच में गलत जानकारी देकर सरायपाली को देश की नंबर 1 नगर पालिका बनाया गया या फिर स्वछता के नाम पर बाकि नगरपालिकाओं की स्थिति देश में सरायपाली से भी बदत्तर है