बसना - जिले की शासकीय विद्यालयों में किये जाने वाले बेस्ट प्रेक्टिस की प्रस्तुति सराही गयी
जिले की प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र बनी
बसना , ‘ शासकीय विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन एवं गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा ,पूर्ण प्रवेश , सौ प्रतिशत परीक्षा परिणाम , ब्यक्तित्व का सम्पूर्ण विकास , शून्य ड्राप आउट के साथ विद्यार्थी ,शिक्षक तथा समाज की इसमें भूमिका को बदलते समय में नए नज़रिए से देखने और अपनाने की जरुरत है ताकि हम नयी चुनौतियों से निपटते हुए मानव संसाधन विकास की ओर बढ़ सकें ; उक्ताशय की बातें सिब्बल ग्रीन में आयोजित एक शैक्षिक मंथन के दौरान सभा के वक्ताओं द्वारा ब्यक्त किये गए | ’ यह कार्यक्रम छ.ग.राज्य शैक्षिक एवं अनुसन्धान परिषद् – रायपुर के द्वारा आयोजित किया गया | इसमें छत्तीसगढ़ के समस्त जिलों के चार – चार शासकीय विद्यालयों में किये जाने वाले बेस्ट प्रेक्टिस की प्रस्तुति एवं प्रदर्शन किया गया | इसे जिला शिक्षा अधिकारियों के निर्देशन में उस विद्यालय के प्राचार्य एवं ब्याख्याता ने प्रस्तुत किया | इनमे से जो कार्य उपयुक्त लगेगा उसे पूरे राज्य में परियोजना के रूप में अपनाया जाएगा |
इसी कड़ी में महासमुंद जिले के जिला शिक्षा अधिकारी बी.एल.कुर्रे एवं सहायक संचालक /जिला परियोजना अधिकारी हिमांशु भारतीय के कुशल मार्गदर्शन एवं प्राचार्य – के.सी.साहू के नेतृत्व में जिले की ओर से रमेश कुमार सोनी – ब्याख्याता ,बसना ने जिले की प्रस्तुति दी | इस प्रस्तुति में शास.आदर्श उ.मा.शाला – बसना , महासमुंद , शास.उ.मा.शाला – नर्रा एवं बेलसोंडा के द्वारा किये गए श्रेष्ठ शैक्षिक प्रेक्टिस को शामिल किया गया था | इस श्रेष्ठता को निभाने वाले – के.सी.साहू ,रमेश कुमार सोनी – बसना , घनश्याम यदु – महासमुंद , गजराज पांडेय ,सुबोध तिवारी – नर्रा एवं बेलसोंडा से – जगदीश सिन्हा तथा आशीष दास ने यहाँ अपनी सक्रिय उपस्थिति दी | श्रेष्ठ शैक्षिक कार्यों में प्रस्तुत हुए - बसना से – ऑपरेशन ३३ , गाँव चालें हम ,अंतिम कालखंड की शक्ति , महासमुंद का – विसुअल लर्नर , बेलसोंडा का – भूल नहीं पायेंगे ,छेरछेरा एवं नर्रा का – नवाचार मेरे हाथों में के अलावा आउट ऑफ़ बॉक्स – बसना | इन सबकी सुन्दर प्रस्तुति सामूहिक रूप से पॉवर पॉइंट द्वारा – रमेश कुमार सोनी द्वारा दी गयी | इन नवाचारों को जानने हेतु सभा में अन्य विद्यालयों द्वारा उत्सुकता के सवाल पूछे गए | इस अवसर पर महासमुंद जिले के विद्यालयों द्वारा एक तकनीकी प्रदर्शनी भी लगायी गयी जिसने सबसे ज्यादा भीड़ को आकर्षित किया ,इसमें थ्री डी प्रिंटर एवं विज्ञानं के नवाचार विशेष आकर्षण का केंद्र बना |
इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए – जिला शिक्षा अधिकारी , हिमांशु भारतीय , समीर प्रधान – प्राचार्य , डॉ. विद्या चंद्राकर , आर.के.खरे , आर.बी.प्रधान ,राजकुमार बेहेरा , भगत राम वाधवा , विजय पटेल , विकास खंड शिक्षा सहायक अधिकारी गण – जोल्हे ,शुक्ला , कँवर ; संजय कर एवं समस्त विद्यालयों के शालेय स्टाफ सदस्यों द्वारा बधाई दी गयी |
मंच पर संचालक छ.ग. राज्य शैक्षिक एवं अनुसन्धान परिषद् एवं उच्च स्तरीय जाँच समिति तथा कई शालाओं के प्राचार्य एवं ब्याख्याता गण उपस्थित थे |