कोंटा के सभी ग्राम पंचायतों में लगा 100 फीसदी पहला डोज  - CG Sandesh

कोंटा के सभी ग्राम पंचायतों में लगा 100 फीसदी पहला डोज

ग्यारह ग्राम पंचायत के सभी लोग ले चुके हैं दोनों डोज

सुकमा 19 जनवरी । जनपद पंचायत कोंटा में कोविड-19 के टीके को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। टीकाकरण का विरोध करने वाले दूरवर्ती नक्सल प्रभावित गांव अब शत प्रतिशत टीकाकृत ग्राम की श्रेणी में आने लगे है। इसका प्रमुख कारण जिला प्रशासन की सजगता और कोरोना के प्रति चलाये गया जागरूकता अभियान रहा है। 



छत्तीसगढ़ के दक्षिण में स्थित जिला सुकमा के अंतिम छोर में बसे जनपद पंचायत कोंटा , जिसकी सीमायें तीन राज्यों से मिलती हैं। यहां के अधिकतर ग्राम दुर्गम, घने जंगल व पहाड़ी इलाके में बसे हैं। लेकिन यहाँ रहने वाले ग्रामीण लोगों में टीके के प्रति भागीदारी प्रशंसनीय हैं। जनपद पंचायत कोंटा के अंतर्गत आने वाले सभी 61 ग्राम पंचायत के 100% लोगों ने कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ले ली है। वहीं 11 ग्राम पंचायत के सभी लोगों ने दोनों डोज लगवा लिये हैं।


इस सम्बन्ध में जनपद पंचायत कोंटा के सीईओ कैलाश कश्यप ने बताया: "कोरोना को मात देने के लिए कोंटा के ग्रामीण क्षेत्रों के लोग बढ़-चढ़ कर भाग ले रहे हैं। सुदूरवर्ती गांव होने के बावजूद यहां के ग्रामीणों ने खुद और अपने परिवार के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए शत-प्रतिशत टीकाकरण करा लिया है। शत प्रतिशत टीकाकृत हो चुके 61 ग्राम पंचायत में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोग शामिल हैं।"

आगे उन्होंने बताया: “शुरुआती चरणों मे टीके के प्रति ग्रामीणों में भ्रम की स्थिति अधिक थी, लेकिन लोगों को गांव में जाकर उनकी ही भाषा, बोली में टीकाकरण के महत्व को समझाने से भ्रम और अफवाहों का असर खत्म हुआ। जो लोग टीका लगवाने के इच्छुक नहीं थे, उन्हें घर-घर जाकर टीका लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया तथा टीके के फायदे बताए गए। इसमें सरपंच और सचिव , स्वास्थ्य अमले की महत्वपूर्ण भूमिका रही।”

बाहर से आनेवाले लोगों की हो रही जांच 

दक्षिण भारतीय लोगों का छत्तीसगढ़ में नजदीकी प्रवेश मार्ग जनपद पंचायत कोंटा से होता है। ऐसे में दूसरे राज्यों से कोरोना का प्रसार होने की सम्भावना यहाँ अधिक होती है। इसलिये बाहर से आने वाले लोगों की राज्य सीमा पर जांच की जा रही है। कोरोना के नये वेरिएंट को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। इसके अलावा अस्पतालों को अपग्रेड किया गया है। सारे जरूरी उपकरण भी दुरुस्त कर लिये गये हैं।



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