इन 4 राशियों पर रहेगी शनि की ढैय्या तो 4 पर शनि साढ़े साती..... - CG Sandesh

इन 4 राशियों पर रहेगी शनि की ढैय्या तो 4 पर शनि साढ़े साती....

अधिकतर लोग शनि को बुरे परिणाम देने वाला ग्रह मानते हैं। लेकिन ज्योतिष की मानें तो ऐसा कहना बिल्कुल गलत है। क्योंकि शनि कर्मफल दाता हैं ये लोगों को उनके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं। यानी अच्छे कर्म का अच्छा फल और बुरे कर्म का बुरा फल।

वैदिक ज्योतिष में शनि ग्रह का बड़ा महत्व माना जाता है। इस ग्रह के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को करियर में तरक्की मिलती है। ये मकर और कुंभ राशि का स्वामी ग्रह है। वहीं तुला इसकी उच्च राशि है और मेष नीच। शनि एक राशि में ढाई साल तक गोचर रहता है।

 नौ ग्रहों में इसकी गति सबसे धीमी मानी जाती है। वर्तमान में शनि मकर राशि में विराजमान हैं। 29 अप्रैल से ये कुंभ राशि में गोचर करने लगेंगे। इस पूरे साल 4 राशि वाले शनि ढैय्या की चपेट में आयेंगे और 4 राशि वाले शनि साढ़े साते की। यहां आप जानेंगे कब किन राशियों पर रहेगी शनि की दशा और किन्हें मिलेगी मुक्ति।

शनि साल की शुरुआत से लेकर 29 अप्रैल तक अपनी स्वराशि मकर में गोचर रहेंगे। इस दौरान मिथुन और तुला वालों पर शनि ढैय्या रहेगी तो वहीं मकर, धनु और कुंभ वालों पर शनि साढ़े साती। यानी कुल मिलाकर इस अवधि में 5 राशियों पर शनि की नजर रहेगी।

फिर 29 अप्रैल 2022 में शनि कुंभ राशि में गोचर शुरू कर देंगे जहां ये 29 मार्च 2025 तक रहेंगे। इस अवधि में कर्क और वृश्चिक वालों पर शनि ढैय्या रहेगी तो मकर, कुंभ और मीन राशि वालों पर शनि साढ़े साती।

बीच में कुछ समय के लिए शनि मकर राशि में फिर से गोचर करने लगेंगे। जिससे वो राशियां जो शनि ढैय्या या शनि साढ़े साती से मुक्त हो चुकी होंगी वो फिर से इसकी चपेट में आ जायेंगी। बता दें 12 जुलाई 2022 से लेकर 17 जनवरी 2023 तक शनि वक्री अवस्था में मकर राशि में स्थित रहेंगे।

 इस दौरान मिथुन और तुला वाले शनि ढैय्या की चपेट में फिर से आ जायेंगे। वहीं धनु वालों पर शनि साढ़े साती शुरू हो जाएगी। जबकि इस दौरान कुछ समय के लिए कर्क, वृश्चिक और मीन वाले शनि के प्रभाव से मुक्त रहेंगे।2022 में शनि 24 जनवरी से लेकर 27 फरवरी तक अस्त रहेंगे। वहीं 5 जून को वक्री चाल शुरू कर देंगे और 23 अक्टूबर तक वक्री अवस्था में रहेंगे।


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