रेल मिनिस्ट्री ने दी आजीवन डिबार करने की धमकी, फिलहाल NTPC और लेवल वन परीक्षा स्थगित
यूपी- बिहार में RRB-NTPC के धांधली रिजल्ट को लेकर छात्रों का प्रदर्शन आज भी जारी है. प्रदर्शनकारियों की मांग ये है कि रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड की NTPC भर्ती सीबीटी-1 के रिजल्ट में जोन वाइज कुल पदों के सापेक्ष 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई करना था. नोटिस में यही कहा गया था. हालांकि बोर्ड ने ऐसा नहीं किया है. विभिन्न स्लॉट में पदों की संख्या को आधार मानकर अलग - अलग हर स्लॉट के लिए 20 गुना अभ्यर्थियों को क्वालीफाई घोषित किया गया है. इससे परीक्षा में क्वालीफाई करने वाली अभ्यर्थियों की वास्तविक संख्या 20 गुना के बजाय महज 5-6 गुना रह गई है. इससे हजारों की संख्या में अभ्यर्थी आरआरबी एनटीपीसी भर्ती के दूसरे चरण यानी सीबीटी -2 परीक्षा में भाग नहीं ले पाएंगे.
रेलवे भर्ती बोर्ड ने पहले जारी विज्ञापन में कहा था कि वह 35, 281 पदों को भरने पर विचार कर रहा है. इनमें से 13 श्रेणियों में 24,281 पद स्नातक के लिए रहेंगे. इसके अलावा छह श्रेणियों में 11,000 पद गैर - स्नातक के लिए रखे गए थे. 13 श्रेणियों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के वेतनमान स्तर ( स्तर 2, 3, 4, 5, 6) के आधार पर पांच समूहों में विभाजित किया गया था. इन पदों में ट्रेन असिस्टेंट, गार्ड, जूनियर क्लर्क, समयपाल और स्टेशन मास्टर शामिल हैं.
छात्रों के प्रदर्शन के बाद रेल मंत्रालय ने कहा था कि गैरकानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाने वाले उम्मीदवारों पर पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ रेलवे की नौकरी प्राप्त करने पर आजीवन प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है.
NTPC रिजल्ट को लेकर उत्तर प्रदेश और बिहार में अभ्यर्थियों के व्यापक विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने बड़ा फैसला लिया है. रेल मंत्रालय ने एनटीपीसी और लेवल वन परीक्षा पर फिलहाल रोक लगा दी है. इसके अलावा रेल मिनिस्ट्री ने एक हाई पावर कमेटी का गठन कर दिया है.