रविवि ने परीक्षा की कॉपीयों का मूल्यांकन यूनिवर्सिटी में ही करने का किया फैसला
रविवि ने सेमेस्टर परीक्षा की कॉपीयों का मूल्यांकन इस बार यूनिवर्सिटी में ही करने का फैसला किया है. पिछले वर्ष अधिकांश विश्वविद्यालयों ने मूल्यांकन का जिम्मा कॉलेजों को ही दे दिया था. परन्तु इस बार पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर की कॉपीयों को अपनी देखरेख में यूनिवर्सिटी में ही जंचवाने का फैसला लिया है.
इसके कारण स्पष्ट नहीं किए गए, लेकिन माना जा
रहा है कि पिछले सेमेस्टर में तकरीबन हर छात्र को भरपूर नंबर मिले थे, इसलिए रविवि
के विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या छात्र घर में आंसरशीट लिखते समय
अच्छा स्टैंडर्ड मेंटेन कर रहे हैं या नहीं? वजह ये है कि रविवि की सेमेस्टर
परीक्षा इस बार भी ऑनलाइन मोड पर हो रही है तथा छात्र घर से पेपर लिखकर कॉलेजों
में जमा कर रहे हैं. इसलिए विशेषज्ञों का मानना है कि आंसरशीट के मामले में तुलना
ज्यादा आसान हो जाएगी.
रविवि की मौजूदा सेमेस्टर
परीक्षाएं 5 फरवरी से शुरू हुई थीं और अभी चल रही हैं.
पिछली बार कॉपीयों की जांच सम्बंधित कॉलेजों में हुई थी इस वजह से मूल्यांकन को
लेकर सवाल भी उठे थे. इसलिए कॉलेजों से कापियां मंगायी जाएंगी. इसके लिए कॉलेजों
को निर्देश दिए गए हैं. आंसरशीट मिलने के बाद सभी काॅपियों को मूल्यांकन के लिए
अलग-अलग जगह भेजा जा सकता है,
लेकिन यह सब कुछ रविवि प्रशासन
की देखरेख में ही होगा.
शिक्षाविदों का कहना है कि कोरोना काल में अधिकांश विश्वविद्यालयों ने मूल्यांकन का जिम्मा कॉलेजों को ही दे दिया था. इस वजह से छात्र बड़ी संख्या में पास तो हुए ही थे, उन्हें नंबर भी काफी मिले थे। इसे लेकर सवाल उठे थे.