सांकरा : वीडियो वायरल होने के बाद थाना पहुंचा मामला, सनत कुमार ने कहा – जमीन विवाद का मामला, आपसी समझौते से हुआ खत्म, पिता ने 10 एकड़ जमीन दी है दान, पुत्र हुआ बेघर....
सांकरा थाना क्षेत्र के ग्राम शंकरपुर में कल एक घर में तोड़फोड़ कर सामन बाहर फेकने का मामला सामने आया था, जिसका विडियो व्हाट्सएप्प ग्रुप में वायरल होने लगा.
वीडियो वायरल होने, सुचना मिलने के बाद सांकरा पुलिस 112 की टीम गाँव मौके पर पहुंची और कुछ लोगों को थाना लेकर आई. मामले में सनत कुमार का आरोप था कि करीब 10-12 लोग उसके घर पहुंचे और उसे घर खाली करने के लिए बोलते हुए उसका सामान बाहर फेंकने लगे.
मामले में मुख्य रूप से आरोप जगदीशपुर के पूर्व सरपंच असीम सोना पर थे, जिसने अपने ऊपर लग रहे आरोपों को ख़ारिज किया और कहा कि जिस घर पर सनत प्रधान निवासरत है उसे उसके पिता ने बेच दिया है और बेचने के बाद वे ओड़िशा जा चुके हैं, वह घर अब उसका है. बार-बार आदेश के बाद भी सनत कुमार द्वारा घर को खाली नहीं किया जा रहा है. असीम सोना का कहना था कि वह अपने परिवार के साथ पिकनिक पर आया हुआ था, जहाँ वह अपने परिवार वालों को केवल घर दिखाने लाया था.
वहीं मामले ने जब धार्मिक रंग लेने का प्रयास किया तो असीम सोना वह घर छोड़ने को तैयार हो गए और बोले कि मुझे यहाँ घर जमीन नहीं लेना है, जितने रकम में यह जमीन मैंने सनत कुमार के पिता से खरीदी है वह वापस लौटा दिया जाए.
असीम सोना ने घर जमीन के बदले 50 लाख रुपये दिए जाने की बात कही. असीम सोना के साथ उसका पूरा परिवार भी इसी बात पर अड़ा रहा. जिसपर सनत कुमार में असमर्थता दिखाई. सनत कुमार का कहना है कि इस मामले में 14 फरवरी को पिथौरा तहसील में सुनवाई होनी थी. जो कि तहसीलदारों के हड़ताल के चलते नहीं हो पाई.
इस मामले का रुख तब बदल गया जब सनत के पिता सांकरा थाना पहुंचे और बताया कि यह जमीन मैंने बेची नहीं दान में दी है. जिससे असीम सोना झूठ पकड़ा गया और इसके बाद उसने कुछ कहने से इंकार कर दिया.
असीम सोना को दान में जमीन दिए जाने की बात सुनकर कई लोग हैरान थे, तो वहां पहुंचे शंकरपुर के कुछ ग्रामीण इसका विरोध करने लगे.
असीम सोना तो पहले ही सबके सामने कह चुके थे कि मुझे यह जमीन जितने में बेची गई है वह रकम लौटा दी जाए तो मैं वह जमीन छोड़ दूंगा. लेकिन जब लोगों को पता चला कि जमीन दान में मिली है तो असीम सोना ने आगे कुछ कहने से इंकार कर दिया.
अब बोलने की बारी थी सनत के पिता कि जिसने सबके सामने अपने पुत्र पर मारपीट करने के साथ और भी कई आरोप लागए, पिता का कहना था कि उसका पुत्र सनत ना तो उसका ध्यान रखता है, ना ही चाय पानी के लिए कभी पूछता है. जिस उम्र में एक पुत्र को पिता का ध्यान रखना चाहिए ऐसा उसके पुत्र द्वारा कुछ भी नहीं किया जाता.
चूँकि यह जमीन पूर्वजों की नहीं थी सनत के पिता के स्वयं की थी इसलिए उसने अपने साथ हुए इस दुर्व्यवहार से आघात होकर अपनी जमीन पुत्र के नाम ना कर किसी भी अन्य को दान करना उचित समझा. और अपनी जमीन असीम सोना को दे दी.
आपको बता दें कि असीम सोना जो कि पूर्व में ग्राम जगदीशपुर के सरपंच रह चुके हैं, और अपने कार्यकाल के दौरान इनपर शासकीय योजना में भ्रष्टाचार और लोगों से धोखाधड़ी करने के मामले सामने आ चुके हैं.
अब सनत के पिता ने असीम सोना को दी गई जमीन को वापस लेना का फैसला लिया है, और असीम सोना से भी जमीन वापस सनत के पिता के नाम पर रजिस्ट्री करने बात लिखित में दी है. और साथ ही सनत को एक दिन में ही घर खाली करने को उसके पिता ने कहा है.
सनत के पिता ने कहा कि उसके पुत्र द्वारा किये गए दुर्व्यवहार के लिए उसे 5 वर्ष तक प्राश्चित करना होगा, जिसके लिए ना ही सनत अपने पिता की जमीन का उपयोग नहीं करेगा और उसे घर भी एक ही दिन में खाली करना होगा. जिसके 5 वर्ष बाद वे जमीन अपने पुत्र को देने के लिए विचार करेंगे. बहरहाल मकान खाली करने से सनत बेघर हो जायेगा और उसे कोई और ठिकाना ढूँढना होगा.
हालाकि इस निर्णय पर सभी ने आपसी सहमति दिखाई है, और सभी आपस में इस निर्णय पर समझौता होने की भी बात कह रहे हैं. लेकिन आगे क्या होगा यह सबके मन में एक प्रश्न का विषय है.