महासमुंद : पैसे की लेन देन को लेकर डंडे से पीट-पीटकर की हत्या.
महासमुंद थाना अंतर्गत ग्राम बेलसोंडा पैसे की लेन देन को लेकर डंडे से पीट-पीटकर की हत्या, जिसपर अपराध पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया।
समारू धीवर ने पुलिस को बताया कि वह ग्राम बेलसोंडा अखरापारा में रहता है, पत्थर खदान से ट्रकों में पत्थर लोड करने का काम करता है । उसका बड़ा भाई अम्बो धीवर है जो ट्रकों में खदानो से पत्थर लोड करने के लिए 20-30 मजदूरों का गैंग बनाकर पत्थर के लिए बाहर से आने वाले ट्रकों में पत्थर लोड कराने का ठेका लेता था तथा अपने गैंग के मजदूरो को लोड करने भेजता था उसके गैंग में सुरेन्द्र धीवर बेलसोंडा अखरा पारा का भी शामिल है जो दोनो आपस में पारिवारिक भाई का रिश्ता है कि सुरेन्द्र धीवर आज से करीब 2-3 माह पूर्व अम्बो धीवर से अपने मोटर सायकल जो गिरवी में रखा था उसे छुड़ाने 32 हजार रूपये उधारी लिया था.
जिसे अम्बो धीवर सुरेन्द्र से मांगता था तो वह देने से मना करता था, और करीब एक सप्ताह से अम्बो धीवर के गैंग से काम छोड़ दिया था, इसी बात की विवाद एक दो दिन से अम्बो धीवर और सुरेन्द्र धीवर के बीच चल रहा था कि 24 फरवरी 22 के शाम 5.30 बजे अम्बो धीवर अपनी मोटर सायकल से अपने घर की ओर से गांव के गली अखरा पारा मीलू राम निर्मलकर के घर के पीछे चौरा के पास पहुंचा था.
जहां पर सुरेन्द्र धीवर पहले से खड़ा था तथा मोहल्ले के शोभाराम साहू सन्तू यादव बैठे थे, सुरेन्द्र जैसे ही अम्बो धीवर को आते देखा दौड़कर गली में आ गया और आज इसे खतम कर दूंगा कहकर अपने पास रखे बांस के पुराने डंडे से उसके सिर में जान लेवा वार कर दिया जो डंडे के सिर में पड़ते ही वह अपनी मोटर सायकल सहित नीचे गिरकर छटपटाने लगा और सुरेन्द्र धीवर उसके उपर लगातार डंडे से वार करता रहा जिससे अम्बो धीवर की मृत्यु हो गया पूरा गली में खून बहने लगा घटना की जानकारी पाकर वह मीलू निर्मलकर के घर के पीछे चौरा के पास आकर देखा तो उसका बड़ा भाई अम्बो धीवर खून से लथपथ चित हालत में पड़ा था उसका मोटर सायकल भी गिरा पड़ा था.
वह डायल 112 को घटना की जानकारी दिया जो उनके आने पर अम्बो के मृत शरीर को जिला अस्पताल संजीवनी 108 में भिजवाये है सुरेन्द्र धीवर द्वारा उसके भाई अम्बो के सिर में डंडा मारकर हत्या किया है घटना को गांव का शोभा साहू, संतू यादव तथा पूरन धीवर देखे है। मामले की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध अपराध धारा 302-IPC अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.