पिथौरा - कार्यालयीन समय पर दफ्तर नही पहुच रहे आरामपसंद अफ़सर, इन्तेजार की आस में वृद्ध महिला की आंख भर आयी
होली पर्व की छुट्टी के बाद 3 आज नगर पिथौरा के दफ्तर तो खुले किंतु कार्यालयीन समय पर आज फिर अफसर नहीं पहुंचे पिथौरा के राजस्व विभाग तहसील ऑफिस में करीब ग्यारह बजे तक वहां के मुख्य अधिकारी तहसीलदार लीलाधर कवर अपने दफ्तर नहीं पहुंचे थे, सुबह से ही अंचल के दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रो से आए हुए कई फरियादी उनका इंतजार कर रहे थे, इस बीच मीडिया वालों ने तहसीलदार अधिकारी संपर्क करने की कोशिश की किंतु उन्होंने किसी का भी फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा.
नागरिको का कहना है कि अधिकारियो पर नही रहा अंकुश
एक ओर सूबे के मुखिया भूपेश बघेल 26 जनवरी को अधिकारियों कर्मचारियों के बेहतरी तरीके से कार्यो को समय पर निष्पादन कर सके सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए सौगात देते हुए सप्ताह में 5 दिन कार्य करने का आदेश तो दिया सीएम के आदेश पर तत्काल अमल करते हुए बकायदा सामान्य प्रशासन विभाग ने इसका आदेश भी जारी कर दिया गया. इसके साथ ही सरकारी कर्मचारियों के लिए सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक कार्यालयीन समय का भी दिशा निर्देश जारी कर दिया, लेकिन अधिकांश कार्यलयों में अफसरशाही हावी है केवल भृत्य अन्य कर्मचारीयों की कार्यालयीन समयावधि बढ़ गई साहब अभी भी पुराने ढर्रे में ही आ रहे है।

बघारदरहा से पैदल पहुंची एक वृद्धा फरियादी प्रेमलता ने पत्रिका संवाददाता को बताया कि उन्हें जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री ने सभी कार्यालय दस बजे तक अनिवार्य रूप से कार्यालय खुलने का आदेश दिया है इसलिये वह 4 कोष लगभग 20km का सफ़र पैदल तय करके सुबह 10:00 बजे से पूर्व ही कार्यालय समय पर उपस्थित हो चुकी थी लेकिन वहां मौजूद कर्मचारियों ने 11:00 बजे तक साहब नहीं आने का हवाला देकर दोपहर तक उस फरियादी महिला को बाहर धूप में ही बैठा रखा। मीडिया के हस्तक्षेप के बाद उस महिला फवती कटने के आदेश आज जारी हुआ।
पथरल्ला से आए उत्तम भोई ने बताया कि वह सुबह से ही तहसील कार्यालय पहुंच गए हैं। लेकिन 11:15 बजे तक अधिकारी के नहीं पहुंचने से हुए वहां बैठे हुए हैं, उत्तम कुमार भोई ने बताया आज उनकी पेशी है लेकिन अभी तक अधिकारी के नहीं पहुंचने की वजह से वह भी बैठे हुए हैं.
जबकि सामान्य प्रशासन विभाग ने समस्त विभागाध्यक्ष, संभागायुक्त, समस्त कलेक्टर को जारी आदेश में कहा गया है कि शासकीय कार्यालयों में अधिकारी और कर्मचारी नियत समय पर उपस्थित नहीं हो रहे हैं, जो शासन के जारी आदेशों के विपरीत है, जिसके बाद इस आदेश को तत्काल कढ़ाई से पालन कराने का आदेश जारी किया गया है जिसके बावजूद अधिकारियो पर इसका असर नही दिख रहा है।।
इधर तहसीलदार लीला कंवर ने अपने पक्ष में कहा कि वे मौका निरीक्षण करने गए थे।

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