विवाह के लिए करना हो लड़की का चुनाव, ये तीन बातें दिमाग में जरूर रखें
आचार्य चाणक्य का मानना था कि एक संस्कारवान महिला से सिर्फ परिवार नहीं, बल्कि कई पीढ़ियों का उद्धार हो जाता है, लेकिन अगर महिला का व्यवहार और चरित्र ठीक न हो, तो वो बसे बसाए घर को भी बर्बाद कर देती है.
इसलिए अगर आप अपने लिए बेहतर जीवनसाथी की तलाश कर रहे हैं, तो उसे सिर्फ खूबसूरती के आधार पर न परखें. खूबसूरती आज है, लेकिन कल उसे भी समय के साथ ढल जाना है. किसी भी लड़की का चुनाव उसके गुणों और संस्कार के आधार पर करें क्योंकि गुण उसके अंदर जीवनभर रहते हैं.
गुणों और संस्कारों से जब वो आपकी पीढ़ी को शिक्षित करती है, सही मार्ग दिखाती है तो पूरे परिवार का बेड़ा पार हो जाता है. ऐसे परिवार में सदैव, प्रेम, आपसी सामन्जस्य, बरकत होती है. दूसरे लोग भी ऐसे परिवारों की मिसाल देते हैं. आचार्य चाणक्य ने चाणक्य नीति में ऐसे तीन गुणों का वर्णन किया है, जो किसी भी लड़की में जरूर देखने चाहिए.
आचार्य चाणक्य एक श्लोक के जरिए कहते हैं कि-
वरयेत् कुलजां प्राज्ञो विरूपामपि कन्यकाम्, रूपशीलां न नीचस्य विवाह: सदृशे कुले.
इस श्लोक के जरिए आचार्य कहते हैं कि अगर आपने किसी स्त्री का चुनाव उसकी खूबसूरती के आधार पर किया तो आप बड़ी भूल कर सकते हैं. स्त्री को हमेशा उसके गुणों और शिक्षा के आधार पर चुनना चाहिए.
लड़की का चुनाव करते समय ध्यान रखें ये 3 बातें
1- जब भी विवाह के लिए किसी लड़की को देखने के लिए जाएं तो सबसे पहले देखें कि स्त्री की धर्म कर्म में आस्था है या नहीं. जिस स्त्री की धर्म में आस्था होती है, वो कभी गलत काम न करती है और न ही किसी को इसे करने देती है. ऐसी स्त्री पूरे कुल को बांधकर रखती है.
2- देखें कि कहीं उसका विवाह जबरन तो नहीं किया जा रहा है. उसी लड़की से विवाह करें जो स्वेच्छा के साथ आपसे विवाह करना चाहे. जबरन विवाह किया गया तो लड़की आपको और आपके परिवार को दिल से स्वीकार नहीं कर पाएगी. ये स्त्री कभी आपको खुशी नहीं दे पाएगी.
3- अगर स्त्री अपने पति में पिता का अक्स देखती है, तो वो स्त्री आपको हमेशा मान सम्मान देगी, आपका पूरा ध्यान रखेगी और आपको कभी धोखा नहीं देगी. ऐसी लड़की से आप विवाह कर सकते हैं.