पिथौरा : मनरेगा में तालाब घोटाले की जांच हेतु टीम गठित, एक बार मौका मुआयना में गांव से आ चुकी है टीम, अब दोबारा ग्रामीणों से होगी पूछताछ. इंजिनियर त्रिलोकी नाथ सिन्हा साधे हैं चुप्पी
हेमन्त वैष्णव, पिथौरा : महासमुन्द जिले के पिथौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम बारीकपाली में एक ऐसा तालाब निकलकर सामने आया है, जो पहले से ही एक डबरी नुमा तालाब था. उस तालाब में बिना कुछ कार्य कराए मनेरगा से लगभग 7 लाख रुपये का आहरण कर लिया गया है. गांव के बंधीया तालाब को देखने से ऐसा लगता है कि यहां मजदूरों से कार्य नही करवाया गया है. पहले पुराना डबरी जैसे था वैसे ही है.
बता दें कि मनरेगा के मस्टररोल में कई पेंशनधारी, लकवा पीड़ित और बाहर जो पलायन में थे उनका नाम भी शामिल है.
खबर को पहले ही सीजी संदेश डॉटकॉम ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था. मामले में पिथौरा जनपद सीईओ प्रदीप प्रधान ने जांच करवाने की बात कही थी. जिसके बाद 3 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया गया है और टीम द्वारा जांच जारी है.
मामले में मनरेगा के इंजिनियर त्रिलोकी नाथ सिन्हा के देख-रेख मे काम हुआ है. इंजिनियर चुप्पी साधे हुए हैं, उनके मोबाइल नम्बरो पर कई बार फोन किया गया लेकिन वे कोई जवाब नहीं दिए. जिसके बाद व्हाट्सएप्प के माध्यम से उनको ये सवाल पूछा गया परन्तु वे देखकर भी अंजान बने रहे-
सवाल 1 - जब तालाब में कार्य करवाया जा रहा था तो आपके द्वारा निरीक्षण किया गया या नहीं ?
सवाल 2 - बिना कार्य हुए 7 लाख रुपये का मूल्यांकन कौन किया ? सर, क्या आप तालाब में गड्ढा हुआ है या नहीं देखने गए ?
सवाल 3 – सर, आप कोई जवाब नहीं दे रहे हैं, क्या सच मे आप इस भ्रष्टाचार में शामिल हैं ?
इन सब व्हाट्सएप्प मेसेज को देखने के बाद भी इंजिनियर त्रिलोकी नाथ सिन्हा द्वारा अपना पक्ष् नही रखा गया और अभी तक चुप्पी साधे हुए है.