अटल टिंकरिंग लैब बसना का इनोवेशन फॉर आल दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न
डॉ . बाबा साहेब अम्बेडकर की जयंती पर कम्युनिटी डे का आयोजन
बसना , ‘’ समाज कि आवश्यकताएं सदा से ही विज्ञान के लिए चुनौती बनकर प्रकट हुई हैं और वैज्ञानिकों ने अपने नवाचार से उत्पन्न तकनीक के द्वारा इस समस्या का समाधान किया है , आज के नए युग में यह परिवर्तन इतनी तेजी से हुआ है कि बहुत सारे खोज जो हमें नए लगते थे और ऐसा लगता था कि बस अब यही अंतिम सत्य है तभी कोई नयी खोज उसे मिथ्या साबित कर देती है |’’ उक्ताशय के उदगार अतिथियों ने अटल टिंकरिंग लैब बसना के द्वारा आयोजित एक सभा के दौरान ब्यक्त किये |
यह कार्यक्रम शास . आदर्श उच्च. माध्य. शाला – बसना के द्वारा डॉक्. बाबा साहेब आंबेडकर कि जयंती के अवसर पर प्राचार्य के. सी. साहू के मार्गदर्शन एवं रमेश कुमार सोनी – ए.टी.एल.प्रभारी के नेतृत्व में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था | कम्युनिटी डे का यह दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्देश्य – इनोवेशन फॉर आल था | यह कार्यक्रम नीति आयोग भारत शासन के निर्देश पर आयोजित किया गया | अतिथियों के स्वागत उपरांत डॉक्. बाबा साहेब का स्मरण करते हुए सभा आरम्भ हुई ; इसके मुख्य अतिथि – आर. के. खरे – से.नि.प्राचार्य , अध्यक्षता – मुकेश जोशी – अध्यक्ष एस.एम.डी.सी.बसना थे ;विशिष्ट अतिथि के तौर पर - ए.टी.एल. सदस्य गण – भावेश अग्रवाल एवं संदीप अग्रवाल तथा स्रोत व्यक्ति के रूप में – सुश्री रूपा पटेल - इंजी. एवं विवेक वर्मा – जिला विज्ञान मास्टर ट्रेनर उपस्थित थे ; सभी ने सभा को संबोधित किया |
सचिन देवांगन ब्या. ने ए.टी.एल.-बसना कि स्थापना कि यात्रा का उल्लेख किया तथा उन छात्रों कि टीम तथा नेतृत्व को बधाई दी ; रमेश कुमार सोनी ने इस अवसर पर इसकी वार्षिक गतिविधियों का पी.पी.टी.के द्वारा प्रदर्शन किया तथा इस दौरान इस लैब की उपलब्धियों की चर्चा की तथा भविष्य कि रुपरेखा को प्रस्तुत किया | रूपा पटेल ने – रोबोटिक्स पर अपनी पी.पी.टी. के द्वारा इसके विस्तार कि असीम संभावनाओं तथा आवश्यकता को सुन्दर तरीके से रेखांकित करते हुए इसके बेसिक स्ट्रक्चर का निर्माण करने कि प्रक्रिया छात्रों को सिखाया | विवेक वर्मा ने विज्ञान को छोटे – छोटे घटनाओं से जोड़कर सीखने -समझने कि प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन किया तथा विज्ञान को सरल तरीके से तकनीक के रूप में कैसे अपनाएँ कि पूरी प्रक्रिया को समझाया |
इस अवसर पर छात्रों ने इन अतिथियों से अपनी शंका का समाधान पाया | इस प्रथम दिवस छात्रों ने आड्रिनो बोर्ड का कनेक्सन करना , कोडिंग करना तथा इसमें सेंसर का उपयोग करते हुए आवश्यकताओं के अनुरूप प्रोटोटाइप का निर्माण करना , रोबोटिक्स के नए मॉडल प्रारम्भिक जानकारी के अनुसार बनाये ; इसे रमेश कुमार सोनी एवं सचीन देवांगन के मार्गदर्शन में जौशिक मेहेर , शुभम प्रधान , आयुष दुबे , हेमसागर भारद्वाज , कमल भूषण प्रधान , विष्णु पटवा , जितेन्द्र पटेल एवं उनके साथियों ने बनाया | कार्यक्रम में संस्कार द राइजिंग स्कूल – बसना के विद्यार्थी उनके शिक्षक एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक के अलावा – प्रवीण कुमार भोई -ब्या., ब्या.गण - अशोक बंजारा , टी.के. नायक , देवेन्द्र सिंह रॉय , देवराज पाणिग्राही तथा रामदास प्रधान शिक्षक उपस्थित थे ; पूरी व्यवस्था बनाने में विनोद यादव- प्रयोग. सहा. का सहयोग रहा |कार्यक्रम का सञ्चालन एवं धन्यवाद ज्ञापन – रमेश कुमार सोनी प्रभारी ने किया |
कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर यह कार्यशाला छात्रों तथा प्रशिक्षु शिक्षकों के लिए खुली ; जिन्हें अलग – अलग ग्रुप बनाकर उन्हें उनकी रचनात्मकता को प्रदर्शित करते हुए विज्ञान को उसमे शामिल करना था | एक निश्चित समय में सभी ने समेकित रूप से पेपर आर्ट के द्वारा समाज की समस्याओं के समाधान के लिए विज्ञान का प्रयोग करते हुए प्रोटोटाइप का निर्माण कर प्रदर्शन किया |इसे ग्रुप के अनुसार लीडर्स ने प्रस्तुत किया जो इस प्रकार रहे - राजेश कुमार नंदे – गाँव में उर्जा का नवाचार से स्मार्ट गाँव ; रीना विश्वास दीप्ती दास ने – विंड पॉवर फॉर एयर पोलुशन प्रॉब्लम , शीला पाण्डेय – पवन चक्की का वोर्किंग मॉडल , पुष्पलता प्रधान का - ट्रेन ब्रिज ,लता साहू का चरखा , धरनीधर पंडा का – विद्युत् बचाओ मॉडल प्रदर्शित हुआ | सभी का अवलोकन एवं मार्गदर्शन – के.सी.साहू – प्राचार्य एवं रमेश कुमार सोनी – ए.टी.एल. प्रभारी ने किया जबकि इसका परिणाम – देवेन्द्र सिंह रॉय ने सुनाया | प्रथम – धरनीधर पंडा , द्वितीय – राजेश नंदे एवं तृतीय – रीना विश्वास कि टीम को प्राप्त हुआ | सभी को प्राचार्य महोदय ने बधाई देते हुए इस लैब का सदा उपयोग करते रहने कि सलाह दी| इस अवसर पर शुभम प्रधान , जौशिक मेहेर तथा आयुष दुबे के द्वारा निर्मित स्वचालित विद्युत् वाला पेपर ब्रिज विशेष आकर्षण का केंद्र रहा | इस कार्य में राजेन्द्र यादव एवं सूरज देवांगन का सहयोग रहा तथा इस समय विशेष रूप से प्रोत्साहित करने हेतु डी एल एड के समन्वयक संजय कर उपस्थित थे |