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माता-पिता, पत्नी और 2 बच्चों की हत्या करने के बाद खुद फंदा लगाकर दी जान

अम्बाला के गांव बलाना में एक युवक ने पहले अपने माता-पिता, पत्नी और 2 नन्हे बच्चों की हत्या करने के बाद खुद फंदा लगाकर जान दे दी। उसने पांचों को जहर मृतकों की पहचान संगत राम पुत्र जागीर सिंह उम्र करीब 65 वर्ष, सुखविंदर सिंह पुत्र संगत राम उम्र करीब 34 वर्ष, महिंद्रो कौर पत्नी संगत राम, रीना पत्नी सुखविंदर सिंह, आशु पुत्री सुखविंदर सिंह उम्र करीब 5 वर्ष, जस्सी पुत्री सुखविंदर सिंह उम्र करीब 7 वर्ष के रूप में हुई है।

पुलिस को मौके से 2 पेज का सुसाइड नोट मिला है। इसे सुखविंद्र ने लिखा था, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। सुसाइड नोट में उसने दो लोगों के नाम लिखें हैं। लिखा है, वे 10 लाख रुपये मांग रहे हैं, कहां से लाऊं। ये दोनों इस घटना के लिए जिम्मेदार हैं और इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। सुसाइड नोट में उसने अपनी संपत्ति के बंटवारे की बात भी की है। 34 वर्षीय सुखविंद्र यमुनानगर में एक कंपनी की एजेंसी पर काम करता था।

अम्बाला सदर थाना पुलिस ने सुखविंद्र के बहनोई सतीश कुमार की शिकायत और मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर यमुनानगर के दो लोगों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया है। बालकिश ठाकुर और कवि नरुला साई होंडा के मालिक के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। सतीश ने आरोप लगाया कि सुखविंद्र ने इसी कारण अपने परिवार को स्वयं के मौत के हवाले कर दिया है।

सुखविंद्र ने 2 पेज के सुसाइड नोट में 10 लाख रुपये देने के दबाव की बात लिखी है। ‘आज की लास्ट बात’ हेडिंग बनाकर सुखविंदर ने 26 अगस्त 2022 की तारीख डाली है। उसने हर प्रकार की गलतियों के लिए परिवार और दोस्तों से माफी मांगते हुए लिखा कि यह कदम उसे मजबूरी में उठाना पड़ रहा है। इसके पीछे 2 लोगों का हाथ है (आगे उसने दोनों के नाम भी लिखे हैं, जिनमें से एक को एक व्हीकल कंपनी का मालिक बताया है)। उसने लिखा कि ये दोनों उससे जबरदस्ती 10 लाख रुपये मांग रहे हैं। उसने लिखा कि अगर उसने नहीं दिए तो ये मेरे और मेरी फैमिली को नुकसान पहुंचा देंगे। उसने लिखा मेरा बॉस मेरी आर्थिक स्थिति का नाजायज फायदा उठा कर रोज नौकरी से निकालने की धमकी देता है।

सुखविंद्र ने लिखा कि मेरे मित्र और संबंधियों से निवेदन है कि हो सके तो इनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए। उसने कंपनी के बारे में लिखा कि इन दोषियों के सभी सीनियरों से निवेदन है कि आप इस तरह के लोग न रखें जो अपने पर्सनल फायदे के लिए अपने स्टाफ मेंबर्स को परेशान करते हैं।

सुखविंद्र ने लिखा, मेरा और मेरे घर में माता-पिता का जो भी है उस पर मेरे दोनों भानजों का बराबर का हक है। मेरी संपत्ति को मेरे दोनों भांजों मोहित और करमजीत में बराबर बांट दिया जाए। अब मैं अपने परिवार पिताजी, माताजी, पत्नी और बच्चों की तरफ से सबसे अंतिम माफी मांगता हूं। हमारी लाइफ खत्म करने में 2 बदों और इनके साथी जिम्मेवार हैं।

वारदात का पता उस समय चला जब बहन के परिवार ने सुखविंद्र की छोटी बेटी को जन्मदिन की बधाई देने के लिए फोन किया, लेकिन घर में किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों को फोन करके फोन नहीं उठाने की बता कही। पड़ोसी सुखविंद्र के मकान पर पहुंचे तो देखा कि सुखविंद्र एक कमरे में फंदे से झूल रहा था और बाकी कमरों में उसके माता-पिता, पत्नी और बच्चों के शव पड़े थे। जानकारी मिलते ही सुखविंद्र की बहनें मौके पर पहुंचीं। सदर थाना पुलिस के प्रभारी मनीष कुमार शर्मा ने बताया कि पुलिस ने गांव वालों से पूछताछ की। डीएसपी जोगेंद्र सिंह ने कहा कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि परिजनों को पहले जहरीला पदार्थ दिया गया और अचेत हो जाने पर गला घोटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। सुखविंद्र के बहनोई सतीश कुमार ने बताया कि सुखविंद हाल ही में उससे 2.50 लाख रुपये तथा अपने साले गुरजंट सिंह से 2.60 लाख रुपये लेकर आया था। वह और पैसे मांग रहा था, लेकिन उसे यह नहीं पता कि सुखविंद्र इन पैसों का क्या कर रहा है।


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