रायगढ़ के विशेष न्यायाधीश ने टीआई आशीष वासनिक के खिलाफ दिए कार्रवाई करने के आदेश, जाने क्या है पूरा मामला
जनपद पंचायत बरमकेला में पदस्थ उप अभियंता सोलन जैन को उन पर लगे एट्रोसिटी एक्ट के आरोप से दोषमुक्त किया गया है। साल 2019 में अरुण शर्मा ने सोनल जैन पर एट्रोसिटी का केस करवाया था जिसके कारण उनके 2 साल तक पुलिस व न्यायालय के चक्कर काटने पड़े। लेकिन सत्य परेशान हो सकता है पराजित नही यहाँ यह कहना बिल्कुल सही होगा। सोनल ने हार ना मानते हुए 2 वर्षो तक सभी का सामना किया और अंततः खुद पर लगे गलत आरोपों को झूठा साबित कर जीत हासिल की। इस दौरान उन्हें बहुत से प्रशानिक दबाव का भी सामना करना पड़ा।
सोनल बताती है कि जब वो आपने विरुद्ध हो रहे अन्यायों से लड़ रही थी तब उनपर राजनेताओं के साथ साथ बहुत से प्रशासनिक अधिकारियों के भी दबाव का सामना करना पड़ा। परंतु वो सब का सामना करते हुए न्यायालय पहुची अंततः उन्हें विजय प्राप्त हुई।
सोनल जैन उस समय चर्चा में आयी थी जब उसने प्रकाश नायक के प्रतिनिधी व संरपंच पति अरुण शर्मा से पंगा लिया था अरुण शर्मा ने अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उस पर फर्जी काम कराने दबाव डाला था जिसे करने से सोनल जैन ने इंकार कर दिया तो उसे सबक सिखाने व मुंह बंद करने कई प्रकार के हंथकंडे इस्तेमाल किये गये उनही में से एक यह मामला भी था जिसमें टी आई वासनिक से सांठगांठ कर 2019 में उसकी मेडसर्वेंट सुनिता निराला व्दारा जाति गत गाली गलौज व मारपीट की एफआईआर दर्ज करायी गयी जिसमें आरोप लगा की सोनल जैन ने लोक स्थान में उसे अश्लील गाली देते हुये सत्रांस किया जिस पर भाद वि की धारा 294, 506 (B) व अनुसुचित जाति अधिनियम 1989 की धारा 3 (1) (5) 3 (1) (R) के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था ।
पूरा मामला इस तरह हैं सोनलजैन एक निर्माण कार्य के निरीक्षण के लिये पिहरा गयी थी जहां उसने गांव के अंनतराम पटेल से एक मेडसर्वेट जो घरेलू काम काज के साथ बच्चे की देखरेख कर सकें का इंतजाम करने कहा जिसे अंनतराम ने सुनिता निराला से मिलवा दिया सोनल उसे अपने हिमालय हाईट के मकान में ले गयी जहां वह दो तीन दिन काम की उसके बाद सोनल जैन उसके साथ मारपीट करने के साथ जातिगत गालियां देने लगी जिसकी सूचना उसने अपने पिता को दी जो उसे वापस घर लेजाने आये लेकिन सोनल ने उसे पिता से मिलने नहीं दिया और घर का दरवाजा अंदर से बंद कर तीन चार झापड़ मारे व गालियां देकर पिता से मिलकर जल्दी वापस आने कहा सुनिता के पिता ने उसे समान लेकर घर चलने कहा तो वह दुबारा घर में समान लेने गयी जहां फिर से मारपीट व गाली गलौज की गयी गांव आने के बाद सोनल अपनी सफेद रंग की कार में गांव पहुंची ओर अनंतराम व उपसंरपंच गौतम मिरी की मौजूदगी में गाली गलौज की 7 दिन काम करने का पैसा भी नहीं दी
इसकी रिपोर्ट 3 नवंबर 2019 को थाने में दर्ज करायी जिसमें थाना प्रभारी अशीष वासनिक ने सोनलजैन को गिरफ्तार कर चालान विशेष मजिस्ट्रेट एस्ट्रोसिटी जितेंद्र जैन की अदालत में पेश किया गया जहां गवाहो व तथ्यो के परिक्षण के बाद सोनल जैन को भादवि की धारा 281, 313 में दोषमुक्त किया गया मजिस्ट्रेट ने अपने फैसले में TI अशीष वासनिक की भूमिका पर तिखी टिप्पणी की हैं
यह पहला मामला हैं जब पुलिस पर अदालत में इस तरह का आरोप लगा हैं “मामले में उचित कार्यवाही करने की जिम्मेदारी आशीष वासनिक की थी लेकिन उसने राजनैतिक प्रभावशील पंचायत के निर्वाचित व्यक्ति व परिवार के सदस्य अरुण शर्मा गौतम मिरी व अंनतराम के साथ मिलकर पद का दुरुपयोग किया”व सोनलजैन पर अरुणशर्मा के विरुध्द की गयी शिकायत को वापस लेने दबाव डालने झूठी शिकायत पर एफआई आर दर्ज की SP रायगढ़ आशीष वासनिक पर उचित विधिक कार्यवाही कर डी जी पी को उसकी कापी भेजें.