बसना- जान जोखिम में डाल कर छात्र एनएच 53 पार कर जाते हैं कॉलेज
बसना – बसना से 2 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक मात्र स्व. श्री जयदेव सतपथी शाशकीय महाविद्यालय के छात्रों के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग 53 मुसीबत बनता जा रहा है, यहाँ के हजारों छात्रों को हर समय तेज रफ्तार वाहनों से दुर्घटना का भय बना रहता है। छात्रों को जब कॉलेज के लिए जाना पड़ता है तब उन्हें एनएच 53 पार करके कॉलेज पहुंचना पड़ता है. सीधी रोड होने के कारण यहां पर वाहनों की रफ़्तार काफी तेज होती है। कॉलेज आने और छुट्टी के समय इस मार्ग पर छात्रों की काफी भीड़ रहती है। जिससे इन छात्रों को हर समय तेज रफ़्तार वाहनों का भय बना रहता है। अब तक यहाँ तेज रफ़्तार वाहनों की चपेट में आकर कई लोग घायल भी हो चुके हैं।
इस मार्ग में ना कि सिर्फ कॉलेज बल्कि पट्रोल पम्प, दुग्ध शीत केंद्र सहित काष्ठा गार भी आते है यहाँ आने के लिए भी वाहनों को अधिक दुरी तय करना पड़ता है. जिसके कारण कई बार वाहन चालाक पेट्रोल पम्प, कॉलेज, दुग्ध शीत केन्द्र और काष्ठागार पहुचने के लिए विपरीत दिशा में वाहन घुसा देते है, जिसके कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है.
ऐतिहातन सुरक्षा की दृष्टि को देखते हुए भले ही बीटागीपाली के पास क्रास बनाया गया है जिसमे सिर्फ मोटर सायकल ही पार किया जा सकता है, चार पहिया वाहनों को बिहारी ढाबा से यु-टर्न होकर आना पड़ता है जिसकी दूरी लगभग 4 किलो मीटर पड़ जाती है. जिसके कारण समय और पेट्रोल डीजल का भी नुक्सान उठाना पड़ता है कई वाहान चालकों को समय और पेट्रोल की बचत करने के लिए सीधा विपरीत दिशा में वाहन को चलाते देखा जा सकता है
नियम को ताख में रख कर वाहन चालको के खिलाफ किसी भी प्रकार की हाइवे पेट्रोलिंग पुलिस या bscpl द्वारा कानूनी कार्यवाही नहीं की जाती है जिले में विपरीत दिशा में चल रहे वाहन चालको के खिलाप कोई भी अभियान अभी तक जिला प्रशासन नहीं चला रहा है. यदि आप महासमुन्द से सराईपाली फोर-लेन में वाहन चलते हुए आएँगे तो कई जगहों पर आपको विपरीत दिशा में बड़े-बड़े ट्रेलर से लेकर मोटर सायकल को चलते देख सकते है
हमेशा खतरे से जूझते हुए ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओ को देखते हुए सर्विस रोड की आवश्यकता महसूस की जा रही है, हालाकि सर्विस रोड की मांग को लेकर कोई भी स्थानीय नेता या संगठन सामने नहीं आ रहे है. ऐसा लगता है की इस ओर किसी भी अधिकारी या जनप्रतिनिधियों का ध्यान नही जा रहा है सर्विस रोड अगर बन जाती तो भविष्य में होने वाले दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है