आंखों के लिए नुकसानदायक है पटाखों का प्रदूषण : पटाखे जलाने और आतिशबाजी के दौरान रखें सावधानी
दीवाली रोशनी का त्योहार है। देश भर में इसे बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। उमंग के उत्सव में हमारी जरा सी लापरवाही रंग में भंग डाल सकती है। त्योहार के दौरान खान-पान, दिनचर्या और इसे मनाने के तरीकों को लेकर सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। उत्साह के बीच हमेशा ध्यान रखें कि स्वास्थ्य आपकी पहली प्राथमिकता है। इससे किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाना चाहिए। दीपावली के इस त्योहार में मधुमेह के साथ वजन और आंखों की सेहत को लेकर हमेशा सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है।
संचालक, महामारी नियंत्रण डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि दीपावली में पटाखों को लेकर बरती गई लापरवाही के कारण हाथ और उंगली के बाद प्रभावित होने वाला दूसरा सबसे आम अंग हैं आंखें। पटाखों के धुंएं के कारण आंखों में जलन-चुभन के साथ लालिमा होने का खतरा होता है। इसके अलावा पटाखों से लगने वाली चोट आंखों में घाव, रक्त के थक्के बनने या पुतली को भी नुकसान पहुंचा सकती है।
ये सावधानियां हैं जरूरी
पटाखे जलाते समय सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही नहीं की जानी चाहिए। बच्चों द्वारा आतिशबाजी के समय बड़े लोगों को निगरानी रखनी चाहिए। पटाखे हमेशा शरीर से दूर रखकर ही जलाएं। आतिशबाजी वाले क्षेत्र से सभी ज्वलनशील चीजों को हटा लें।
पटाखा जलाने के लिए लंबी डंडी का प्रयोग करें, जिससे इससे होने वाले धमाके से हाथों या आंखों पर कोई असर न हो। आंखों को सुरक्षित रखने के लिए आतिशबाजी करते समय सुरक्षात्मक चश्मे पहनें। अनार जैसे पटाखों से आंखों और चेहरों पर चोट के सबसे ज्यादा मामले देखे जाते हैं। इसे हमेशा दूर से ही जलाएं। आंख में खुजली या जलन होने या चोट लगने पर तुरंत नेत्र रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें।