गढ़फुलझर जल्द लेगा पर्यटन स्थल का स्वरुप - CG Sandesh

गढ़फुलझर जल्द लेगा पर्यटन स्थल का स्वरुप

बसना:- महासमुंद जिले के बसना ब्लाक मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत गढ़फुलझर को पर्यटन स्थल का रूप देने हेतु कार्य तेजी से किया जा रहा है. शासन के लिए काम करने वाले 20 मजदुर दिन रात काम करके स्थल को आकर्षक और सुरक्षित करने में जुटे है.

इससे पहले अक्टूबर 2015 में संसदीय सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग रूपकुमारी चौधरी और कलेक्टर उमेश कुमार अग्रवाल सहित जिले के आला अफसरों ने गांव की गलियों-चौराहों का भ्रमण कर विकास की संभावनाओं का जायजा लिया तथा अधिकारियों को प्लानिंग करने के निर्देश दिए।

जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने 26 अक्टूबर 2015 को गढ़फुलझर में रामचंडी दिवस समारोह में रामचंडी मंदिर को रमणीक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए सरकार की ओर से हर संभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया था।

 

पर्यटकों के लिए बनाया जा रहा गार्डन

गढ़फुलझर में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए यहां पार्कों व बगीचों को खूबसूरत व आकर्षक बनाने का काम पूरी मेहनत के साथ जारी है उद्यान विभाग द्वारा गढ़फुलझर को आकर्षक और सुंदर बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है. तथा मंदिर के चारो और छायादार और मनमोहक पौधो का रोपण कार्य किया जा राहा है

 

पौधों के लिए ड्रिप सिस्टम लगाकर दिया जा रहा है पानी

जब छतीसगढ़ संदेश की टीम ने गार्डन का जायजा लिया तो देखा कि यहाँ ड्रिपर लाइन या ड्रिप टेप जो पौधे की जड़ के पास या नीचे स्थित होते हैं वो बिछाये गए है. इस संबंध में जब उद्यान के कर्मचारी से पूछा गया तो उसने बताया कि, इसमें पाइप के अंदर एक निश्चित दुरी (1फ़ीट, 2फ़ीट) के अंतराल पर ड्रिपर लगे होते है। ड्रिपरो से जल बून्द-बून्द के रूप में पौधों की जड़ो के आस-पास गिरता है। इसमें पानी का डिस्चार्ज 0 से 20 लीटर तक प्रति घंटा तक हो सकता होता है। इसका प्रयोग मुख्यतया सघन फसलों और सब्जियों की खेती में किया जाता है। इस किट में एक टाइमर, हौज और एक मीटर होता है।


नेट हाउस तकनीक से लगायी जाएँगी सब्जियां

यहाँ नेट हाउस तकनीक का भी उपयोग किया गया है। इस तकनीक से गैर मौसमी सब्जी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने बताया कि नेट हाउस में किसी भी मौसम में सब्जी उत्पादन किया जा सकता है। उद्यान विभाग का कहना है कि इस तकनीक से किसानों को ताजी सब्जियों की उपलब्धता बढ़ेगी।

किसानो को भी मिलेगा फायदा

उद्यान विभाग के कर्मचारी ने छतीसगढ़ संदेश की टीम को यह भी बताया कि यहाँ लगाये गए फूल और पौधे को भी ले जाकर किसान अपने खेत में रोपण कर सकते है


बचें है अवशेष

यहाँ अब भी कई के महलों का अवसेष बचें हुए है, जो कि पत्थरों से बने है इनकी दीवारें भी काफी ऊँची है. इनके आस-पास कोई भी सुचना पटल नहीं पाया गया जिससे कि ये ज्ञात लगाया जाए कि ये कितना पुराना है. उद्यान विभाग के कर्मचारी से पूछने पर उसने बताया कि उसे भी इसके बारें में पूरी जानकारी नहीं है. पर उन्होंने बताया कि यहाँ राजा और रानी का महल है.


तालाबो का गढ़ माना जाता है गढ़फुलझर

वर्तमान में यहाँ 15 से अधिक तालाब है तथा कुछ ऐतिहासिक तालाब भी है, ऐतिहासिक तालाबों के बारें में बताया जाता है कि इन्हीं तालबों में कुएं के भीतर से राजा ने सुरंगें खुदवा रखी थी जिनमें एक सुरंग सारंगढ़, दूसरी सुरंग भंवरपुर और तीसरी सुरंग पिरदा के राजमहल को जाती थी।

वर्त्तमान में पानी के घटते श्रोत के कारण तालाब सुख गया है मानसून आने पर यहाँ के तालाब जब भर जाएँ तो देखने में दिलचस्प हो सकतें है.

 

रामचंडी मंदिर पहुँच मार्ग के लिए दोनों ओर से रास्ता बनकर हुआ तैयार

उद्यान विभाग के कर्मचारी ने बताया कि मंदिर पहुँचने के लिए उद्यान के अंदर और बहार दोनों ओर से सीसी रोड बन चूका है. इस मार्ग से उद्यान के अंदर से भी मंदिर पंहुचा जा सकता है.    


मंदिर का दृश्य

मंदिर ऊंचाई में स्थित होने के कारण सीसी रोड समाप्त होने के बाद मंदिर तक जाने के लिए सीढ़ियां बनायीं गयी है. मंदिर परिसर में गार्डन बनाया गया है, सीढियों के अगल-बगल भी पौधे लगायें गए है, यहीं एक शिवजी तथा एक हनुमान जी की बड़ी मूर्ति लगायी गयी है और एक दुकान भी स्थित है जहाँ से पूजन सामग्री खरीदी जा सकती है. सीढियों से ऊपर पहुँचने पर मंदिर से बहोत दूर तक का पहाड़ी नजारा भी देखा जा सकता है. मंदिर में ठन्डे पानी के लिए भी व्यवस्था राखी गयी है.    


सैकड़ों की संख्या में पहुंचते है श्रद्धालु

मंदिर के पास पूजन सामाग्री और किताब बेचने वाले ने बताया की यहाँ हर रोज लगभग सैकड़ों की संख्या में लोग पूजा पाठ और दर्शन के लिए मंदिर पहुचते है. परिवार को लेकर भी लोग यहाँ पिकनिक के लिए आते है. राम चंडी मंदिर में पूजा सुबह शाम होती है, साल में 2 बार नवरात्रि में कार्यक्रम होता है और आस पास की काफी भीड़ यहाँ रहता है

 



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