छत्तीसगढ़ के चार और अस्पतालों को मिला एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन - CG Sandesh

छत्तीसगढ़ के चार और अस्पतालों को मिला एनक्यूएएस सर्टिफिकेशन

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने धमतरी जिले के दो तथा दुर्ग व रायगढ़ के एक-एक सरकारी अस्पताल को जारी किया एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र

रायपुर : केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के चार और सरकारी अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया है। इनमें धमतरी जिले के दो तथा दुर्ग व रायगढ़ का एक-एक अस्पताल शामिल है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने धमतरी जिले के गेदरा और गाड़ाडीह हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HWC) उप स्वास्थ्य केन्द्र, दुर्ग के अहेरी हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर उप स्वास्थ्य केन्द्र तथा रायगढ़ के रामभाटा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस प्रमाण-पत्र जारी किया है।


भारत सरकार की टीम द्वारा अस्पताल के विभिन्न मानकों पर मूल्यांकन में गाड़ाडीह उप स्वास्थ्य केंद्र को 94 प्रतिशत, गेदरा उप स्वास्थ्य केंद्र और रामभाटा शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को 90-90 प्रतिशत तथा अहेरी उप स्वास्थ्य केंद्र को 87 प्रतिशत अंक मिले हैं। अब तक प्रदेश के कुल 61 अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक प्रमाण-पत्र प्रदान किया जा चुका है। इनमें दस जिला अस्पताल, सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 26 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 13 शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और पांच उप स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं।

एनक्यूएएस के लिए इस तरह होता है अस्पतालों का मूल्यांकन

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की टीम द्वारा राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक सर्टिफिकेशन के लिए अस्पतालों का 12 मानकों पर मूल्यांकन किया जाता है। इसके लिए अस्पताल द्वारा सेवा प्रदायगी, मरीज संतुष्टि, क्लिनिकल सर्विसेस, इनपुट, संक्रमण नियंत्रण, सपोर्ट सर्विसेस, गुणवत्तापूर्ण प्रबंध, आउटपुट जैसे मानकों की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया जाता है। मूल्यांकन में खरा उतरने वाले अस्पतालों को ही भारत सरकार द्वारा गुणवत्ता प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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