जिंदगी की जंग हार गया बोरवेल में फंसा मासूम, सीएम ने आर्थिक सहायता देने का किया ऐलान
बैतूल : मध्य प्रदेश के बैतूल में 6 दिसंबर को खेलते-खेलते बोरवेल में मासूम का 84 घंटे रेस्क्यू चलने के बाद भी तन्मय को नहीं बचा पाए। चार दिन तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में शनिवार सुबह 6 बजे तन्मय को बोरवेल से बहर निकाला गया। लेकिन उससे पहले ही तन्मय अपने जीवन की जंग हार गया था। प्रशासन के तमाम प्रयासो के बाद भी मासूम ने दुनिया को अलविदा कह दिया। गौरतलब है कि इस घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया साथ की दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही है। इस मामले में बैतूल के एडीएम एस जायसवाल ने कहा कि रेस्क्यू के बाद अब मामले में जांच कार्रवाई शुरू हो गई है। इस मामले में अधिकारी भी जांच के दायरे में शामिल होंगे। बोरवेल खुले होने के मामले में कार्रवाई होगी। इस मामले में दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। जैसे ही तन्मय को बोलवेल से निकाला गया जिसके बाद उसे तुरंत अस्पताल भेजा गया लेकिन उससे पहले ही तन्मय अपनी जीवन की जंग हार गया था।
खेलते समय खुले बोरवेल में गिरने से 4 साल की तन्मय की मौत की खबर सुन पूरे ईलाके में मातम पसर गया। इस मामले में प्रदेश के सीएम शिवराज ने भी दुख व्यकत कर परिजनों के प्रति संवेदनाए व्यक्त की है। सीएम शिवराज ने ट्वीट कर लिखा कि अत्यंत दुखद है कि बैतूल के मांडवी गांव में बोरवेल में गिरे नन्हे तन्मय को प्रशासन के अथक प्रयासो के बाद भी नहीं बचाया जा सका। ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना करता हूं।
दुःख की इस घड़ी में तन्मय का परिवार स्वयं को अकेला न समझे, मैं और संपूर्ण मध्यप्रदेश परिवार के साथ है। राज्य सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता दी जायेगी। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें। विनम्र श्रद्धांजलि!सीएम शिवराज ने तन्मय के परिजनों को ढाढ़स बांधाया और सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता के रूप में 4 लाख रुपए देने की घोषणा की है। गौरतलब है कि लुका-छिपी खेलते समय तन्मय खुले बोरवेल में जा गिरा। जानकारी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू हुआ जो कि 4 दिन तक चला। राहत और बचाव का कार्य कर रही टीम को पथरीली जगह होने के कारण सुरंग बनाने में कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।