बसना : तो इस वर्ष फिर से कीचड़मय रास्ते से आईटीआई पहुचेंगे छात्र
बसना के एक मात्र आईटीआई जिसका निर्माण अब से 20 वर्ष पूर्व 1998 में हुआ था. परन्तु तब से लेकर आज ठीक 20 वर्ष बाद भी इस आईटीआई तक पहुँचने हेतु एक भी पक्की सड़क नहीं है. सिर्फ मिट्टी और मुरुम वाले मार्ग से ही यहाँ आईटीआई पहुँचा जा सकता है. इस मिट्टी और मुरुम वाले मार्गों में सिर्फ गड्डे ही गड्डे नजर आएंगे. बरसात के समय इन सभी गड्ढों पर पानी एकत्रित हो जाता है.
पानी के भर जाने से सड़क पर आने-जाने वाले सभी लोगों को परेशानी होती है. इस मार्ग में न सिर्फ आईटीआई बल्कि और अन्य संस्थाये, छात्रावास और सहकारी कार्यालय भी है.
इस मार्ग में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी
कार्यालय, प्री मैट्रिक
अनुसूचित जन जाति कन्या छात्रावास,
अटल आवास योजना के मकान हैं. परन्तु 20 वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक
इस मार्ग को पक्का या डामरीकरण नहीं किया गया है.
इनता ही नहीं 2017 में जब जनपद
पंचायत CEO आरके वर्मा को बताया गया तो तब उनका कहना था कि 'मुझे जानकारी
नहीं थी, अब पता चला है. सरपंच-सचिव को बोल कर जल्द ही मार्ग बनाने निर्देशित
करुंगा.'
जिसके बाद 2018 में इस मार्ग को केवल 200 मीटर ही बनाकर छोड़ दिया जबकि इसकी लम्बाई लगभग 2 किलोमीटर है. शायद इसकी जानकारी भी अभी तक प्रसाशन के पास नहीं होगी.