सात माह बाद खुला राज : तीन माह की गर्भवती लिव इन पार्टनर का... - CG Sandesh

सात माह बाद खुला राज : तीन माह की गर्भवती लिव इन पार्टनर का कत्ल

उत्तरप्रदेश। गाजियाबाद की इंदिरापुरम पुलिस ने अपनी लिव-इन-पार्टनर की हत्या करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने 7 माह पहले अपनी तीन माह की गर्भवती प्रेमिका को कुल्लू ले जाकर उसकी गला घोंट कर हत्या कर दी थी और शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया था।

वसुंधरा के भोपुरा में गाड़ी सर्विस का गैराज चलाने वाले रमन ने अपनी लिव इन पार्टनर दिव्या (35) की कुल्लू ले जाकर कार में चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पहाड़ी से नीचे फेंक दिया। दूसरी प्रेमिका के साथ रहने के लिए ही उसने शादी के 15 दिन बाद ही तीन माह की गर्भवती दिव्या की जान ली। दिव्या और उसकी दो साल की बेटी भी है।



पुलिस और दिव्या के परिजनों को गुमराह करने के लिए उसने न केवल इंदिरापुरम थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई बल्कि सात महीने तक उसे तलाश करने का नाटक भी करता रहा। पुलिस का कहना है कि उसके बदलते बयानों से दिव्या की मां बिट्टो को शक होने पर उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसकी साजिश से पर्दा उठ गया।

रमन एक साथ दो युवतियों के साथ लिव इन रिलेशन में रह रहा था। दिव्या के साथ वसुंधरा के सेक्टर पांच में किराए के फ्लैट में और दूसरी के साथ दूसरी जगह। दिव्या को जब पता चला कि उसने दूसरी के साथ शादी कर ली है, तो उसने विरोध करना शुरू कर दिया। दोनों में झगड़ा होने लगा। इस पर उसने साजिश के तहत दिव्या से शिमला चलने के लिए कहा। वह दिव्या और दो साल की बेटी को लेकर कार से शिमला के लिए गया।

रमन शिमला से कुमारसेन थाना क्षेत्र के कुल्लू ले गया था। वहां हत्या कर अगले दिन ही घर लौट आया था और इंदिरापुरम थाने में दिव्या की गुमशुदगी की तहरीर दी। इंदिरापुरम पुलिस ने रमन की कार भी बरामद कर उसे सीज कर दिया। शनिवार को कुमारसेन थाना पुलिस इंदिरापुरम थाने पहुंचेगी और मामले की अग्रिम कार्रवाई के लिए आरोपी को अपने कब्जे में लेगी।



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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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