बसना : पीएचइडी विभाग की लापरवाही से पानी की किल्लत - CG Sandesh

बसना : पीएचइडी विभाग की लापरवाही से पानी की किल्लत

पेयजल जीवन की एक बुनियादी आवश्यकता है. प्रदेश की शत-प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या को न्यूनतम 40 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन की दर से एवं नगरीय जनसंख्या को न्यूनतम 70 लीटर प्रति व्यक्ति प्रतिदिन शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है. यह कार्य पी.एच.ई.डी. विभाग के अंतर्गत कराया जाता है.

 

पी.एच.ई.डी. एक शासकीय विभाग हैं. शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने हेतु योजनाओं का सर्वेक्षण, रूपांकन एवं क्रियान्वयन करना, हैण्डपंपों का संधारण, पेयजल स्रोत की गुणवत्ता की मॉनिटरिंग एवं पेयजल गुणवत्ता प्रभावित ग्रामों में वैकल्पिक शुद्ध पेयजल स्रोत निर्मित कर योजनाओं के कार्य संपन्न करना, स्कूलों में पेयजल व्यवस्था आदि कार्य पी.एच.ई.डी.विभाग द्वारा कराये जाते है.

वर्त्तमान में बसना विकासखंड से महज 6 किलोमीटर दुर पर स्तिथ ग्राम पंचायत जमड़ी एवं उसके आश्रित ग्राम कुड़ेकेल के लोगों को पानी की किल्लोतों का सामना करना पढ़ रहा है. जिसका कारण पी.एच.ई.डी. विभाग की लापरवाही बताई जा रही है.

ग्राम पंचायत जमड़ी के सरपंच का कहना है कि ग्राम पंचायत जमड़ी एवं उसके आश्रित ग्राम कुड़ेकेल में जब भी कोई हैण्डपंप ख़राब हो जाता है तो उसकी शिकायत वे पी.एच.ई.डी. विभाग से करते है. परन्तु पी.एच.ई.डी. विभाग उनकी समस्याओं को अनसुनी कर देता है जिसके कारण गाँव के लोगों को पानी की किल्लतों का सामना करना पड़ता है. सरपंच का कहना है कि पी.एच.ई.डी. विभाग के द्वारा कार्य नहीं किये जाने पर उनके के द्वारा गाँव में तीन बार हैण्डपंप सुधारा जा चूका है.

नल-जल योजना का नहीं मिल पा रहा लाभ.
जमड़ी के सरपंच ने बताया की नल-जल योजना के तहत इस गाँव में टंकी लगाया गया तथा पाईप बिछायी गयी. मगर अब भी यहाँ से लोगों को पुरानी पद्धति से पानी निकालना पड़ता है. जिसका कारण टंकी से बोर के दूर होने को बताया गया. बताया गया कि टंकी दूर होने के कारण तथा जल स्तर कम हो जाने के कारण टंकी में पानी नहीं चढ़ पता है. जिसके कारण इस योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है.

सरपंच का कहना है कि यदि टंकी के पास एक बोर की सुविधा हो तो नल-जल की सुविधा ग्रामीणों को दिया जा सकता है. वर्त्तमान में बोर टंकी से लगभग आधा किलोमीटर की दुरी पर है.



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