शिक्षक ने 8वीं की छात्रा को लिखा लव लेटर, परिजनों को धमकाया,... - CG Sandesh

शिक्षक ने 8वीं की छात्रा को लिखा लव लेटर, परिजनों को धमकाया, थाने पहुंचा मामला

उत्तरप्रदेश। कन्नौज से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक प्राइमरी स्कूल के टीचर ने आठवीं की छात्रा को एक लेटर दिया और मिलने बुलाया। जब इस बात की जानकारी छात्रा के घरवालों को हुई तो टीचर परिवार वालों को धमकाने लगा। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।

कन्नौज सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी एक शख्स ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। इसमें उसने बताया कि उसकी 14 साल की बेटी सरकारी स्कूल में कक्षा 8 की छात्रा है। इसी स्कूल के एक शिक्षक ने स्कूल की छुट्टी होने से पहले बेटी को एक लेटर दिया। इस लेटर में उसने बेटी को मिलने के लिए बुलाने सहित कई अन्य बातों का जिक्र किया है। इस मामले की जानकारी होने पर छात्रा के पिता ने उस शिक्षक से संपर्क किया। इस पर शिक्षक छात्रा के पिता पर ही भड़क गया। आरोप है कि छात्रा के परिजनों के साथ शिक्षक ने गाली गलौज की।



मामले में पीड़ित छात्रा के पिता का कहना है कि जब हम लोग शिक्षक के पास पहुंचे और ऐसी हरकत करने पर माफी मांगने के लिए कहा तो वो झगड़ा करने लगा। पीड़ित पिता ने सदर कोतवाली पुलिस को शिक्षक के खिलाफ तहरीर दी है और कार्रवाई करने की मांग की है।

टीचर ने लव लेटर में लिखीं ये बातें

“हम तुमसे बहुत प्‍यार करते हैं। छुट्टियों में बहुत याद आएगी। तुम्‍हें बहुत मिस करेंगे। अगर तुम्‍हें फोन मिले तो फोन कर लिया करना। छुट्टि‍यों से पहले एक बार मिलने जरूर आना। तुम प्‍यार करती हो तो जरूर आओगी। अगर हम तुम्‍हें 8 बजे बुलाएं तो तुम जल्‍दी स्‍कूल आ सकती हो। अगर आ सको तो हमें बता देना और हम तुमसे बहुत सी बातें करना चाहते हैं।”

इसके साथ ही टीचर ने जीवनभर के लिए एक दूसरे का होना का भी लेटर में जिक्र किया है। इसके बाद वो लिखता है कि ये लेटर पढ़कर फाड़ देना और किसी को दिखाना नहीं।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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