बसना : भ्रष्टाचार की भेंट में चली गई गाँव की सारी योजनायें. आधिकारी बोले विधायक द्वारा दिए गए जाँच प्रतिवेदन की जानकारी नहीं.
बसना ब्लाक अंतर्गत ग्राम पंचायत जोगीपाली के आश्रित ग्राम सरायपाली (भुलका) में सभी योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुका है. बताया जा रहा है कि सरपंच सचिव और रोजगार सहायक द्वारा यहाँ किसी भी योजना का लाभ दिलाने के बदले पैसा वसुला जा रहा है.
खबर की पड़ताल करने जब इस गाँव पहुँचा गया तो बकरी शेड बनाने वाले अगत राम से बताया कि बकरी शेड बनाने का प्रलोभन देकर उनसे बकरी शेड बनवा तो लिया गया मगर राशि उनको अधुरी मिली. उनका कहना है कि योजना का लाभ दिलाने से पहले उनसे 2000 रूपये लिया गया फिर एक बार उनसे कहा गया कि बकरी शेड के लिए 15000 रुपये आये है जिसमे से उन्होंने 5000 रुपये और रख लिए. जबकि इसके लिए उन्हें 36000 रुपये मिलने थे और शेड बनवाने के लिए उन्होंने पैसे भी किसी से उधार लिए थे.
कुछ ग्रामीणों ने यहाँ सरकार
की महत्वकांक्षी योजना प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राहियों से पीएम आवास
बनवाने के बाद भी मजदुरी के 15 हजार रुपये नहीं मिलने की शिकायत की है.
स्वच्छ भारत मिशन के तहत
गाँव में पूर्ण रूप से सभी घरों में शौचालय बनने के बाद उसे ओडीएफ घोषित किया जाता
है. मगर यहाँ के ग्रामीणों ने बताया कि बिना जांच परख किये ही इस गाँव को ओडीएफ
घोषित कर दिया गया है. जबकि यहाँ कुछ लोग ऐसे भी है जिन्होंने अब तक शौचालय नहीं
बनाये जिन्होंने बनाये उन्हें पैसे नहीं मिले. किसी को अधुरा सामान मिला तो किसी
को अधुरी राशि. अधुरी राशि मिलने की वजह से किसी ने अपने शौचालय का दरवाजा नहीं
लगा पाया तो कोई छत नहीं बना पाया फिर भी घोषित कर दिया गया ओडीएफ ग्राम.
इस गाँव में मनरेगा के तहत निजी डबरी का निर्माण भी कराया जा रहा है लेकिन निजी डबरी में कार्य किये लोगों का कहना है कि उन्हें अब तक यहाँ कार्य किये हुए महीनों बीत गए गए है पर अब तक उनके मेहनत की राशि नहीं मिल पाई है. और बताया गया कि जिन्होंने यहाँ कार्य नहीं किया है रोजगार सहायक द्वारा उसे राशि जारी कर दी गयी है.
साथ की गाँव की पड़ताल में
पाया गया कि यह गाँव अत्यंत ही पिछड़ा हुआ है यहाँ चलने को भी सड़क नहीं है हर तरफ
सिर्फ मिट्टी और कीचड़ ही देखा जा सकता है. कीचड़ के रास्ते से अपने स्कूल जा रहे एक
विद्यार्थी ने बताया कि उसे पुरे बरसात भर ऐसे ही रास्ते से गुजरना पड़ता है जिसके
कारण उसे बहोत खराब लगता है.
इस पुरे मामले की शिकायत ग्रामीणों ने बसना विधायक श्रीमति रूपकुमारी चौधरी से जनसंपर्क यात्रा के दौरान की थी. विधायक कार्यालय में संपर्क करने पर बताया गया कि उनके द्वारा जाँच प्रतिवेदन बसना जनपद को दे दिया गया है जबकि अधिकारीयों का कहना है कि इस संबंध में उन्हें कोई जानकारी नहीं है.
जनसंपर्क यात्रा के दौरान ग्रामीणों ने इस बारें में शिकायत की थी. जिसके उच्च जांच के आदेश जनपद सीईओ बसना को दे दिए गए है. निश्चित ही पुरे मामले में रोजगार सहायक और पंचायत की मिलीभगत से इन भ्रस्टाचार जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है.
--हेंमत पोर्ते, विधायक कार्यालय, बसना.
इस संबंध में मेरे पास किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं है आप विभाग से आकर जानकरी ले सकते है.
--आर. के. वर्मा. जनपद सीईओ, बसना.
इस संबंध में आप बगरती सर से मिल लीजिये विधायक कार्यालय से मिले प्रतिवेदन की जानकारी मेरे पास नहीं है.
--कोपर्डे, आवक जावक विभाग, जनपद बसना.
जाँच प्रतिवेदन के बारें में मुझे कुछ आइडिया नहीं है सर अभी मीटिंग में है.
--बगरती, विभागीय अधिकारी, जनपद बसना.