बसना : जगदीशपुर सेवा भवन अस्पताल में 1 किलो 14 ग्राम का एक मशरूम उत्पादन
महासमुंद जिले के बसना विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत जगदीशपुर के सेवा भवन अस्प्ताल के माध्यम से संचालित मशरूम उत्पादन के सुपरवाइजर टाइट्स श्रेस्ट ने 1 किलो 114 ग्राम का एक मशरूम उत्पादन कर दिया है. बताया कि इस मशरूम को हिमाचल प्रदेश के लेबोरेटरी में सोध करने के लिए भी मंगवा लिया है.
इसे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ रायपुर से प्रेरित होकर दूधिया मशरूम का बीज उत्पादन किया गया था जो कि वर्तमान में एक मशरूम 1 किलो 114 ग्राम का हो गया है. यहां किसानों को मशरूम उत्पादन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाता है और जो मशरूम का बीज आता है वह रायपुर इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से आता है.
छत्तीसगढ़ संदेश के संवाददाता हेमंत वैष्णव ने जब इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक हरविंदर कुमार सिंग से बात की तो उन्होंने बताया कि अभी को जो मौसम है. वह दूधिया मशरूम के लिए अनुकूल है ऐसे मौसमों में जो दूधिया मशरूम होते है. उनको लगाने से किसानों को ज्यादा फायदा होता है एवं मशरूम का वजन भी ज्यादा आता है.
उन्होंने बताया कि यह भारत का देशी मशरूम है. इसे रायपुर के कृषि विश्वविद्यालय से किसानों को वितरण के लिए दिया जाता है. किसानों के लिए यह यह एक अच्छी बात है कि महासमुंद जिले के जगदीशपुर सेवा भवन अस्पताल में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय से प्रेरित होकर 1 किलो 114 ग्राम का एक मशरूम उत्पादन किया है यह निश्चित ही किसानों के लिए गौरव की बात है.
टाइटस श्रेष्ठ ने छत्तीसगढ़ संदेश को बताया कि आसपास के किसान पैरा को जलाकर प्रकृति को नुकसान पहुंचाते हैं उससे अच्छा पैरा को एकत्रित कर मशरूम का उत्पादन किया जा सकता है. यह एक अच्छा व्यवसाय भी है अभी वर्तमान में 1 किलो मशरूम का वजन ₹240 से ₹280 तक प्रति किलो के हिसाब से बाजार में बेचा जा रहा है. उन्होंने बताया कि सेवा भवन अस्पताल के माध्यम से किसानों को मशरूम की खेती के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है.