खेत और टिकरा में फसल को नुकसान पहुचा रहे है वानरों की टोली
बसना . मानसून सत्र आते ही ग्रामीण किसान अपने अपने टिकरा में फल्ली
मूंग उड़द के खेती कर रहे है तो वही बन्दर टिकरा में फल्ली को खा रहे गर्मी के मौसम से ये बन्दर जंगल से
गांव की तरफ आ जाते है अभी तक भारी वर्षा नही हुवा है जिसके कारण अभी तक वानरों का
टोली जंगल की और पलायन नही किया है बन्दरो की बड़ी संख्या में खेतों और
टिकरा में पहुँच रहे है खेतो और टिकरा में बंदरों का झुंड देखने को मिल रहा है
किसानों को बन्दर
भगाने के लिए अपने परिवार से कोई ना कोई सदस्य फसल वाली जगहों में रहना ही पड़ रहा
है जब तक खेत मे कोई रखवाली कर रहा है तब तक तो ठीक है लेकिन किसान जैसे ही खाना
खाने के लिये या साम को अपना घर पहुचते है वानरों का टोली खेत मे पहुंच कर खेतो
में अफरा तफरी मचा देते है फसल को नुक्सान पहुचाने में मानो बंदरो को लायसंस मिल गया है
अक्सर बच्चो को छोङ
कर चले जाते है रखवाली में लेकिन ये तो लंका को जलाने वाली वानरों की टोली है
बच्चे को कहा डरते है बिना डर खेतो में सब्जीयो को अपना
आहार
बनाते है किसान खाना खाने के लिए अक्सर घर भी आ जाते है ऐसे समय में घर के बच्चो .
भी रखवाली के लिए छोण देते है लेकिन बंदरो की तादात जादा होने के कारण बच्चों को भी नहीं डरते है बसना अंचल के ग्रामीण क्षेत्रो में बहुत किसान मौसमी सब्जियों का भी फसल लगा कर लाभ लेते है लेकिन आवारा पसुओ के साथ पालतू पसु भी अधिक मात्रा में फसलो को नुकसान पहुचाते है .