बसना : शिक्षा और सड़क पहुँचाने सरकार की टूटी कमर. एक गाँव ऐसा... - CG Sandesh

बसना : शिक्षा और सड़क पहुँचाने सरकार की टूटी कमर. एक गाँव ऐसा भी जहाँ बच्चे तो है पर आंगनबाड़ी नहीं

बसना विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत जमदरहा के आश्रीत ग्राम नावाडीह भँवरपुर के वनांचल क्षेत्र में आता है. यह गांव जमदरहा मुख्य मार्ग से लगभग 3 किलोमीटर की दुरी पर है. मगर इस गाँव में पहुँच मार्ग के लिए अब तक पक्की सड़क तक नहीं बन पाई है. 2 किलो मीटर तक रोजगार गारन्टी से बनवाया गया लेकिन चार पहिया वाहन सड़क बरसात के दिन आते ही दलदल में तकदील हो जाता है. जिसके चलते लोगों का आवागन ठप्प हो जाता है.  

जितनी दूर तक रोजगार गारंटी के तहत कच्ची सड़क बनी वहाँ तक तो चार पहिया वाहन जैसे तैसे चला भी जाता है. मगर इसके आगे लगभग एक किलोमीटर मीटर तक पैदल चलना पड़ता है. इस गाँव में आपको 25 घरो का एक छोटा सा मोहल्ला दिखाई देगा. और मोहल्ला भी ऐसा मानो इसका संपर्क ही भारत से टूट गया हो.

गांव में कच्चे मकान देखने को मिलेंगे. यहाँ एक पुराना कुआँ भी देखने को मिलेगा जिसमे लोग पानी को पानी ले जाते और नहाते हुए देखे जा सकते है.


आंगनबाड़ी नहीं पहुँचते है यहाँ के बच्चे.

इस गांव में लगभग 15 से 20 नैनिहाल बच्चे है जो कि पक्की मार्ग के अभाव में आंगनबाड़ी नही पहुँच पाते है और बुनियादी शिक्षा से दुर हो जाते है. उनके पालको से जब बात की तो बताया गया कि आंगनबाड़ी गांव से अधिक दूर है साहायिका लेने भी नही आती है. ऊपर से मार्ग खराब है और जंगल से घिरा हुआ है इसलिए बच्चे नही पहुँच पाते है. लेकिन आंगनबाड़ी का नियम यह कहता है कि आंगनबॉडी कार्यकर्ता और साहायिका की यह जिम्मेदारी है कि बच्चों को आंगनबाड़ी तक लायें और फिर सुरक्षित घर पहुँचाये.

ग्रामीणों ने बताया कि यहाँ सबसे ज्यादा समस्या तब होती है जब किसी मरीज का तबियत खराब हो जाती है और इलाज के अभाव में उसे परेशानोयों का सामना करना पड़ता है.



अन्य सम्बंधित खबरें