बसना : बिना तैयारी जर्जर भवन में अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू.... - CG Sandesh

बसना : बिना तैयारी जर्जर भवन में अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू. ना पानी की व्यवस्था ना बरसात के जल निकासी की.

बसना के टिकरापरा माध्यमिक विद्यालय में इस साल बच्चों का भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है क्योंकि स्कूलों में अंग्रेजी माध्यम शिक्षकों के नहीं होने के कारण हिन्दी माध्यम के शिक्षकों द्वारा ही वहां बच्चों को पढ़ाया जा रहा है.

वहीँ शिक्षक और प्रधानपाठक का कहना है कि स्कूल को अंग्रेजी माध्यम में संचालन हेतु कोई लिखित आदेश नहीं आया है. और ना ही बच्चों को देने के लिए अब तक किसी प्रकार की कोई पुस्तकें शासन द्वारा प्राप्त हुई है जबकि विद्यालय खुले 1 महीना बीत चूका है. प्रधानपाठक ने बताया कि ब्लाक शिक्षा अधिकारी के कहने पर ही यहाँ पहली और छटवीं कक्षा के बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढाया जा रहा है.

इस विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि इन्हें अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने हेतु दो दिन की ट्रेनिंग और कुछ सीडी भी दी गयी है. लेकिन पढ़ाने के लिए इतना काफी नहीं है. परन्तु टिकरापारा के प्राथमिक शाला में यह भी देखा गया कि पहली के बच्चों को बड़ी आसानी और सहजता से पढ़ाया जा रहा है.

पहली में 4 और छटवीं में है 12 बच्चे.

टिकरापारा के प्राथमिक शाला में पढ़ने हेतु पहली में अब तक मात्र 4 बच्चों ने ही दाखिला लिया है. जबकि छटवीं कक्षा की दर्ज संख्या 16 से घटकर 12 हो गयी है कुछ बच्चों के पालकों का कहना है कि पहली से लेकर पांचवी तक हिन्दी माध्यम में पढाई कर चुके छात्र अब अचानक से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ने से घबरा रहे है जबकि टिकरापारा में सिर्फ आठवीं तक की कक्षा लगती है. और अगर आठवीं के बाद इन्हें फिर से हिन्दी माध्यम में पढ़ना पड़ेगा क्योंकि गरीब तबके के लोग होने के कारण वे किसी निजी विद्यालय में दाखिला नहीं करा सकते.


18 महीने से पानी की तंगी झेल रहा स्कूल.

टिकरापरा माध्यमिक विद्यालय पिछले 18 महीनों से पानी की तंगी झेल रहा है प्रधानपाठक ने बताया की बार-बार नगर पंचायत को शिकायत देने के बावजूद यहाँ पानी की समस्या को दूर नहीं किया जा रहा है. जिसके चलते आये दिन स्कूल के स्टाप और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा तय समय पर मध्यान्ह भोजन भी नहीं मिल पता है.

जर्जर भवन में पढ़ रहे बच्चे

प्राथमिक शाला का भवन भी जर्जर होकर ऊपर से गिरने लगा है जिसकी शिकायत ब्लाक शिक्षा अधिकारी से भी कर दी गयी है लेकिन इस पर शिक्षा अधिकारी का कहना है कि मामला नगर पंचायत का है. जिसके चलते एक कमरे को ताला भी लगा दिया गया है.


जल निकासी की व्यवस्था ना होने पर स्कूल बना तालाब
साथ ही जल निकासी हेतु समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण स्कूल परिसर में तालाब की तरह पानी भर जाता है जिसके चलते बच्चों को आने जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.


कुछ भी परेसाशानी नही हो रही है ट्रेनेड शिक्षक की व्यवस्था की जाएगी तथा कुछ दिनों में किताब भी उपलब्ध कराई जाएगी. जर्जर भवन का कार्य नगर पंचायत का है जल्द ही स्कूल के व्यवस्थाओं को ठीक किया जाएगा.
--वाय आर लहरे, ब्लाक शिक्षा अधिकारी, बसना.




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