बसना : पट्टा मिलने के बाद मकान मालिकों को मिलेगा मालिकाना हक, 13 साल पहले बांटा गया था आबादी पट्टा
जिन परिवारो के पास तो स्वयं का मकान तो है किन्तु आवास का पट्टा नहीं है. ऐसे परिवारो को मुख्यमंत्री आबादी पट्टा वितरण किया जा रहा है जिससे कब्जाधारी ग्रामीणों को मकान का मालिकाना हक मिल रहा है.
आबादी भूमि में वर्षो से काबिज स्थानीय लोगों को मालिकाना हक देने आबादी भूमि पट्टा का वितरण किया जा रहा है. राज्य शासन ने वनाधिकार पट्टा वितरण के बाद अब शासन द्वारा आबादी पट्टा वितरण करने का कार्य किया जा रहा है. बसना तहसील के विभिन्न गांवों में काबिज ग्रामीणों को जमीन का मालिकाना हक देने के लिए भूमि का पट्टा प्रदान किया गया.
बसना के नायब तहसीलदार केके चन्द्राकर ने बताया कि बसना तहसील के विभिन्न गांवों में शिविर लगाकर 122 हितग्राहियों को आबादी पट्टा वितरण किया गया. इनमें ग्राम सागरपाली में 70, पर्रापाट में 35 एवं ग्राम गेर्राभाठा में 17 हितग्राहियों प्रदाय किया गयाा.
13 साल पहले बांटा गया था आबादी पट्टा
उल्लेखनीय है कि 13 साल पहले छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी के कार्यकाल में आबादी पट्टे का वितरण किया गया था. 13 साल बाद भाजपा की रमन सरकार द्वारा गांवों में आबादी भूमि पर बसे लोगों को पट्टा देने की शुरूआत हो गयी है पट्टा वितरण का ग्रामीणों को बेसब्री से इंतजार था.