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बच्चे का पासपोर्ट जारी करने के लिए हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय को भेजा नोटिस, पढ़ें पूरा मामला

मुंबई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बच्चे गोद देने वाली एजेंसी द्वारा एक साल के अफगानी बच्चे का पासपोर्ट जारी करने की मांग करने वाली याचिका पर गृह मंत्रालय को नोटिस जारी किया है। याचिका में पासपोर्ट जारी करने की मांग की गई है ताकि उसे किसी दंपति को गोद दिया जा सके। बॉम्बे हाईकोर्ट की जस्टिस गौतम पटेल और जस्टिस नीला गोखले की डिवीजन बेंच ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह या उनके कार्यालय के किसी वकील को इस मामले में मदद करने के निर्देश दिए हैं।



बता दें कि पुणे स्थित बच्चों को गोद देने वाली एजेंसी भारतीय समाज सेवा केंद्र ने कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। याचिका में मांग की गई थी कि कोर्ट केंद्रीय गृहमंत्रालय को निर्देश दे कि वह एक साल के अफगानी बच्चे को पासपोर्ट जारी कर दे। याचिका में कहा गया है कि बच्चे के माता-पिता ने 9 सितंबर 2021 को बच्चे को भारतीय समाज सेवा केंद्र को सौंपा था। याचिका में कहा गया है कि बच्चे का जन्म भारत में ही हुआ है इसलिए वह भारतीय पासपोर्ट पाने का हकदार है लेकिन अभी तक पासपोर्ट ना मिलने के कारण बच्चे को गोद देने की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।याचिका में कहा गया है कि अगर कोई विदेशी दंपति बच्चे को गोद लेते हैं तो बिना पासपोर्ट के बच्चे को गोद देना संभव नहीं होगा। कोर्ट ने कहा कि मामला इतना बड़ा नहीं है और इसे एडिशनल सॉललिसिटर जनरल कार्यालय के किसी वकील की मदद से सुलझाया जा सकता है। कोर्ट ने गृह मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही कोर्ट ने याचिका की एक कॉपी सॉलिसिटर जनरल कार्यालय भेजने के भी निर्देश दिए हैं। कोर्ट अब इस मामले पर आगामी एक मार्च को सुनवाई करेगा।


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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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