शौचालय की राशि की मांग को लेकर जनपद पहुंची महिलाएं, जनपद सीईओ पर लगाया अभद्र व्यवहार का आरोप.
मामला बसना ब्लाक के रूर्बन मिशन के तहत चयनित ग्राम पंचायत उमरिया का है जहां अभी तक शौचालय की निर्माण का राशि अप्राप्त है. महिलाओं ने बताया कि जब सरपँच सचिव को पैसा के लिए बोला जाता है तो पैसा तो वे पैसा खा गए उन्हें ऐसा जवाब देते है. और साथ ही अभद्र व्यवहार करते है. और सरपँच सचिव द्वारा कहा जाता है कि जाओ सीईओ को बोलो वो हमारा क्या कर लेगा.
जिसे लेकर बसना जनपद पंचायत पहुँची महिलाएं के साथ जनपद सीईओ आर के वर्मा और महिलाओं के बीच काफी खींचातानी हुई. महिलाओं ने बताया कि वे सीईओ को शौचालय की राशि सरपंच द्वारा नहीं दिए जाने और जांच को लेकर वहां पहुंचे थे. लेकिन सीईओ द्वारा उनके साथ वहां अभद्र व्यवहार किया गया. और बहस काफी लम्बे समय तक चली.
जिसके बाद अभद्र व्यवहार को लेकर महिलाएं
जनपद परिसर में ही घन्टो तक बैठी रही और जनपद सीईओ को माफी मांगने और लिखित आश्वाशन
देने की मांग को लेकर वहीँ बैठ गयी. वहाँ काफी देर बाद एक महिला ने सराईपाली की
एसडीएम नूपुर
राशि पन्ना को फोन करके इस मामले से अवगत कराया. लेकिन उन्होंने किसी दूसरे दिन
सराईपाली मामले को लेकर आने को कहा.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मकान टैक्स के नाम पर उनके राशन कार्ड को भी सरपंच
द्वारा जपत कर लिया गया है. और राशन कार्ड को जप्ती बनाकर टैक्स वसूला जा रहा है.
और कहा जा रहा है कि अगर टैक्स नही दोगे तो राशन भी नही दिया जाएगा.
पूरे मामले में जोगी कांग्रेस की डॉ. अनामिका पॉल भी अपने समर्थकों के साथ महिलाओ के पक्ष में बात रखी और जनपद सीईओ को कार्यवाही के लिए बाध्य किया.
महिलाओ का आरोप है हमारे साथ शौतेला व्यवहार किया जा रहा है जहाँ दूसरे हितग्राहियों को भुगतान किया जा चुका है. और हमारा पैसा अभी तक नही दिया जा रहा है.
इस पुरे मामले को लेकर जनपद सीईओ आर के वर्मा से जब बात किया गया तो उन्होंने महिलाओं के आरोप को ख़ारिज करते हुए कहा कि सरपंच सचिव की शिकायत मिली है और 3 दिन के भीतर जांच करवा कर कार्यवाही की जायेगी.
जबकि पुरे मामले को लेकर उमरिया के सरपंच पति ने कहा कि जो महिलाए जनपद गयी है उन्होंने सर्वे के पहले से शौचालय बना लिया है. उनके शौचालय में टाइल्स भी लगा है उन महिलाओं का नाम सर्वे लिस्ट में ही नही है. और इसकी भनक शायद सचिव को पहले ही लग चुकी थी जिसके चलते उसने अपना फोन को बंद कर रखा था.
सरपंच पति ने साफ-साफ सब्दो में कहा की ये महिलाए अपात्र है अगर जनपद पंचायत हमको पैसा देगा तो हम लोग उनको भुगतान करेंगे.
सब बात को जानते हुए भी जनपद सीईओ द्वारा अपने आप को बचाने के लिए जांच का आश्वाशन दिया गया अब देखना यह है कि इन अपात्र महिलाओ को कैसे भुगतान किया जाएगा.