ग्रामीण कौशल विकास के नाम पर जिले में हो रही लाखों की ठगी. सामने आये शिकार हुए लोग.
महासमुंद जिले में ग्रामीण कौशल विकास
के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है. अपने आप
को ग्रामीण कौशल विकास का डायरेक्टर कहने वाला ठग व्यक्ति गाँव-गाँव जाकर छतीसगढ़
सरकार के तहत पंजीकृत दुकान खुलवाने और नौकरी देने के नाम पर बहोत से लोगों के साथ
ठगी कर फरार हो गया है. इतना ही नहीं यह व्यक्ति सरायपाली के विधायक रामलाल चौहान
के साथ फ़ोटो भी खीचा चूका है. 
मिली जानकारी के अनुशार यह व्यक्ति सरायपाली
के एक टेक्टर शोरुम में अपना ग्रामीण कौशल विकास नामक कार्यालय संचालित कर रहा था.
और बसना के चिंटू होटल में 1 माह तक निवास किया. लोगों को यह ठग अपना नाम तन्विंदर
सिंह बताता है. तथा जिले में अभी इसके सक्रिय होने की सुचना है.
मिली जानकारी के अनुशार योजनाबद्ध तरीके से इस ठग ने बसना के एक निवासी को जरनल
मेनेजर के पद में न्युक्ति दी. तथा उसे ग्राम पंचायत स्तर पर विकासखंड समन्वयक की
आवश्यकता है कहकर 54 पदों की नियुक्ति करने को कहा जिसके तहत ठग द्वारा नियुक्ति
हेतु 5 से 20 हजार रुपये लिए गए. और नौकरी देने का आश्वशन दिया.

ठग के शिकार हुए व्यक्ति जिसे जरनल
मेनेजर के पद में नियुक्त किया गया था. उसे नियुक्ति पत्र देकर लगभग देढ महीने तक
कार्य करवाया और पैसे भी नहीं दिए. पैसे ना मिलता देख उक्त व्यक्ति ने अपना त्याग
पत्र दिया जिसमे उनकी मुहर भी लगायी गयी.
इतना
ही नहीं इसने पामगढ़ जिला जांजगीर-चाम्पा के केंदीय मानवाधिकार संगठन के उपाध्यक्ष
संजय केशरवानी को भी नौकरी देने के नाम पर अपने ठग का शिकार बनाया और रुपये वशुला
गया.
ऐसे बनाते थे ग्रामीणों को शिकार.
आप को ग्रामीण कौशल विकास का डायरेक्टर कहने वाला ठग व्यक्ति गाँव-गाँव जाकर वहां के दुकानदारों से छतीसगढ़ सरकार के अपने दुकान को पंजीकृत करने को कहता था. और उनसे 5 से 10 हजार रुपये तक ले जाता था. और दुकानदारों से कहता था कि उन्हें बाजार के मूल्य से लगभग 10 प्रतिशत तक कम कीमत पर सामान दिया जाएगा. जिसके चलते बहोत से ग्रामीण इस ठग का शिकार हुए और और पोस्टर बैनर बनवाकर दुकान के सामने अपने दुकान के नाम के साथ छतीसगढ़ सरकार का पजीकृत नंबर भी लगया गया. और बड़े अक्षरों में ग्रामीण विकास योजना भी लिखा है.

पोस्टर में लिखी वेबसाइट निकली फर्जी.
ग्रामीणों ने जिस पोस्टर पर अपने दुकान का नाम लिखवाया है वहीँ उसके नीचे एक वेबसाइट का भी पता दिया गया है. जिसका पता है www.gkvy.com जब इस साईट को खोला गया तो पाया गया की यह साईट किसी अन्य साईट पे चला जाता है जिसका पता www.dotspecial.com है. जब इस साईट को चेक किया गया तो पता चला कि यह वेबसाइट भारत से नहीं बल्कि किसी अन्य देश से संचालित हो रही है और पता में Redacted for Privacy Purposes पाया गया. और ip location भी भारत का नहीं बल्कि नोर्वे ओश्लो का पाया गया.
सरायपाली और बसना पुलिस के पकड़ में भी आया था ठग
मिली जानकारी के अनुशार यह ठग एक बार बसना और सरायपाली पुलिस के पकड़ में भी आ चूका था. मगर लिखित शिकायत ना होने के कारण बिना कार्यवाही किये इसे छोड़ दिया गया.