पाठशाला में 48 बच्चो को पढ़ाने में मात्र एक शिक्षिका, शिक्षण व्यवस्था हो रहा बुरा हाल
बसना ब्लाक से मात्र एक किलोमीटर नजदीक ग्राम पंचायत बंसुला डिपा के वार्ड क्रमांक 11 में स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में 48 बच्चों का नाम दर्ज है. जिसमें एक महिला शिक्षिका पदस्थ है जो कि विकलांग है एवम 48 नौनिहालों का भार उनके कंधे पर आ गया है. स्कूल कार्य पर यदि उन्हें बाहर जाना होता है तो तो सभी बच्चे बाहर खुले बरामदे में खेलते रहते हैं और उसके बाद मध्यान्ह भोजन खाकर अपने अपने घर चले जाते हैं.
प्राथमिक स्कूल की बाउंड्री वॉल टूटी हुई होने के कारण यहां जीव-जंतु भ्रमण करते रहते हैं जिससे यहां दुर्घटना का भय भी हमेशा बना रहता है. महीना भर से शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है बच्चो के पालको में आक्रोश उतपन्न है. जिसे लेकर जनपद पंचायत बसना के जनपद सदस्य एवं महिला बाल विकास समिति के सभापति जन्मजय साव ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय जाकर बसना में शिक्षा की व्यवस्था करने हेतु आवेदन दिया है.
ज्ञात हो कि प्राथमिक शाला बसना में पदस्थ शिक्षक श्रीमती जयंती साहू का पदोन्नति होकर कन्याशाला बसना चली गई है वर्तमान में प्राथमिक शाला बंसुला डिपा में 48 बच्चे में एक शिक्षिका ही है जो कि विकलांग है. जिससे शाला संचालन में तकलीफ हो रहा है इस मुद्दे को शिक्षा समिति के सदस्यों ने विकास खंड शिक्षा अधिकारी के पास ज्ञापन सौंपकर तत्काल वहां शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की है.