जब ग्रामीणों ने कहा रूपकुमारी नही त्रिलोचन नायक ने किया है ह... - CG Sandesh

जब ग्रामीणों ने कहा रूपकुमारी नही त्रिलोचन नायक ने किया है हमारे क्षेत्र में विकास

जैसे-जैसे छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव नजदीक आते जाएंगे वैसे वैसे विधानसभा दावेदारों की परेशानियां बढ़ती जाएगी यदि बसना विधानसभा से वर्तमान विधायक रूपकुमारी चौधरी की बात करें तो वो विकास की बातें कर क्षेत्र में लोकप्रियता पा रही है. तो क्या माना जाए अब तक क्षेत्र में जो भी विकास हुए है उसका श्रेय सिर्फ रूपकुमारी को जाता है क्या और भी है कोई जो इस विकास की दावेदारी उनसे छीन लेगा ?.

हम आज बात करेंगे बसना विधानसभा के पिथौरा विकासखंड के वनांचल गांव की इस क्षेत्र में विकास तो हुए है पर ग्रामीण इनका श्रेय वो रूपकुमारी को नही बल्कि त्रिलोचन नायक को देना चाहते है ग्रामीणों का कहना है कि गांव के विकास के त्रिलोचन नायक अपनी तरफ से कोई भी कमी नही रखते है हर संभव प्रयास करते है. जबकि विधायक बनने के बाद जब ग्रामीण अपनी समस्या लेकर रूपकुमारी के पास सीसी रोड की मांग को लेकर बार बार पहुंचे तो उन्होंने उनकी समस्या को दर किनार कर दिया और मांगे भी नही सुनी ग्रामीणों ने बताया कि 2014 के विधानसभा चुनाव में त्रिलोचन नायक के कहने पर ही उन्होंने रूपकुमारी को अपना वोट दिया था. लेकिन विधायक बनने के बाद उनको सिर्फ निराशा ही मिली.

इसलिए इस बार के विधानसभा चुनाव में क्षेत्र के लोग त्रिलोचन नायक को बतौर विधायक के रूप में देखना चाहते है. त्रिलोचन नायक लगातार तीन बार से जिला पंचायत सदस्य रहते आये है और पिछला जिला पंचायत चुनाव उन्होंन पुरे छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा अंतर से जीत था. क्षेत्र में उनकी लोकप्रियता भी लगातार बढ़ती जा रही इनके बढ़ते हुए कद से निश्चित ही आने वाले विधानसभा का रुख बदल सकती है.


ग्रामीणों से चर्चा में एक और बात भी सामने आई जो कि शिक्षा को लेकर है, ग्रामीणों ने बताया  राजपालपुर गाँव में हायर सेकेण्डरी विद्यालय है, जिसमे वर्तमान में 1000 छात्र छात्राएं है, इस विद्यालय का निर्माण इसलिए जरुरी था क्यूंकि दूरस्थ वनांचल ग्राम होने के कारण 15-20 किलोमीटर तक कोई विद्यालय नहीं था, जिसके कारण ग्रामीण बच्चे शिक्षा से वंचित रह जाते थे.

जिसके बाद विद्यालय के निर्माण में श्रमदान धनदान से लेकर संचालन कई वर्षों तक ग्रामीणों ने ही किया है, त्रिलोचन नायक के अतिरक्त किसी भी जनप्रतिनिधि ने कभी कोई सहयोग नहीं किया सिर्फ झूठा आश्वाशन दिया, विद्यालय उन्नयन के कार्यक्रम में जब रूपकुमारी जी को आमंत्रित किया गया तो वो आई भी नहीं, और कुछ दिनों बाद जब किसी अन्य कार्यक्रम में विद्यालय परिसर पहुंची तो भवन में सहयोगी ग्रामवासियों का नाम अंकित देख कर वहां उन्होंने कहा ग्रामीणों की जगह जनप्रतिनिधियों का नाम क्यूँ नहीं है, ग्रामवासियों ने उत्तर दिया जिसने सहयोग किया उसका नाम अंकित है, हम जनप्रतिनिधियों का नाम क्यूँ लिखें, जिसके बाद रूपकुमारी चौधरी जी नाराज होकर तुरंत बिना जलपान ग्रहण किये उलटे पैर वापस लौट गयीं.



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