अधिकारीयों द्वारा किये गए भ्रष्टाचार की जाँच में असंतुष्ट ग्रामीणों ने लिखा पंचायत मंत्री अजय चंद्राकर को पत्र, 16 को जनपद घेराव की तैयारी में छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना
मामला ग्राम पंचायत मोहका का बिना कार्य करवाए पंचायत ने निकाले साढ़े 9 लाख रु
आवेदन में कहा बिना कार्यवाही वापस चले गए अधिकारी, सन्तुष्ट नही है हम जाँच से
ग्राम पंचायत मोहका में
हुए भ्रष्टाचार में नया खुलासा
किया है ग्रामीणों ने, ग्रामीणों ने बताया कि
पंचायत ने किसी जय टेडर्स फर्म के नाम से बिल एस्टीमेट लगाया गया है जबकि सिंघोडा
में उस नाम का कोई फर्म ही नही मिला. जिस नाम का फर्म
नही है ऐसे ट्रेडर्ड का एस्टीमेट लगा कर लाखो रु को गबन कर लिया गया है.
पूर्व में जन दर्शन में
भी शिकायत की गई थी कि ग्राम पंचायत मोहका में बिना तालाब गहरी करण के जन शक्ति
करण मद से साढ़े 9 लाख रु का फर्जी
तरीके से आहरण किया गया है. इस भ्रष्टाचार की शिकायत को एसडीएम सराईपाली और जनपद सीईओ बसना को किया गया था. कार्यवाही नही होने पर आगे इसकी
शिकायत जिला सीईओ और कलेक्टर से भी की गई थी.
तब भ्र्ष्टाचार के मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला कलेक्टर और जिला सीईओ द्वारा निष्पक्ष जांच कराने के लिए नोटिस जारी किया गया था.
जिला से आर डी साहू और अरुण यादव जांच अधिकारी बनकर आए दोनो अधिकारियों ने लिखित नोटिस वर्तमान सरपंच सचिव एवं पूर्व सरपंच सचिव के नाम जनपद पंचायत बसना को प्रेषित किया. लेकिन जब मोहका के वर्तमान सचिव को नोटिस के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मुझे और सरपंच को किसी भी प्रकार का नोटिस नही मिला था. मुझे पता ही नही था कि कोई जांच अधिकारी आने वाले है, मैं तो रोज की तरह ग्राम पंचायत आई थी तभी पता चला कि आज कोई जांच अधिकारी आने वाले है.
जबकि सचिव ने उपसरपंच अरविंद मिश्रा पर आरोप लगाते हुए कहा की जनपद के अधिकारियों से मिली भगत कर नोटिस को गायब कर दिया गया चुकी वही काम काज को देखते है जांच सूचना के बारे में ना तो सचिव को पता था नही सरपंच को
पूर्व सरपंच पती ने बताया कि इस मामले में हमारा नाम ज़बरदस्ती घसीटा जा रहा है जबकि यह हमारे कार्य काल का नहीं था. रोजगार सहायक और पंचायत अपने आप को बचाने के लिए हमारा नाम जबरदस्ती घसीट रहे है. और मुझे किसी भी प्रकार का कोई नोटिस नही मिला था अगर मिलता तो जरूर आता.
नाराज ग्रामीणों ने भ्रष्टाचार का शिकायत होने के बावजूद कोई कार्यवाही नही होने पर पंचायत मंत्री श्री अजय चंद्राकर को पत्र लिख कर कार्यवाही कराने की मांग की है.
इधर छत्तीसगढ़ीया क्रांति सेना ने भी ग्रामीणों को लेकर 16 अगस्त को जनपद घेराव की बात कही है.