बंधक बनाकर IAS अधिकारी को लाठी-डंडों से पीटा, 3 आरोपी गिरफ्त... - CG Sandesh

बंधक बनाकर IAS अधिकारी को लाठी-डंडों से पीटा, 3 आरोपी गिरफ्तार

गुजरात। साबरकांठा जिले के धरोई बांध के पास एक गांव में आईएएस अधिकारी को बंधक बनाकर मारपीट करने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि आईएएस अधिकारी नितिन बांध के पास निरीक्षण करने जा रहे थे इस दौरान मछली पकड़ रहे लोगों को उन्होंने रोका जिसके बाद वहां एक समूह ने कथित रूप से आईएएस को बंधक बना लिया और पिटाई कर दी।

साबरकांठा जिले के पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) विशाल वाघेला ने कहा कि मत्स्य निदेशक के रूप में कार्यरत सांगवान सोमवार 6 मार्च को अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के साथ गांव के दौरे पर थे तभी उन पर हमला हुआ और चोटें आईं, लेकिन वह खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने आईएएस अधिकारी पर हमले में कथित संलिप्तता के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, अन्य आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास जारी हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान बनासकांठा जिले के निवासी दिलीप परमार, नीलेश गामर और विष्णु गामर के रूप में हुई है।

 


जानकारी के अनुसार, यात्रा के दौरान, 2016-बैच के आईएएस अधिकारी के साथ पालनपुर के मत्स्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी डीएन पटेल और कुछ कनिष्ठ कर्मचारी भी थे। डीएन पटेल ने वडाली पुलिस स्टेशन में अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि मछली पकड़ने के ठेकेदारों में से एक प्रमुख आरोपी बाबू परमार ने संकेत मिलने पर सांगवान के साथ बहस शुरू कर दी। बाबू परमार ने सांगवान को अपने घुटनों के पास काट लिया। बाद में चार अन्य व्यक्ति मौके पर पहुंचे और आईएएस अधिकारी की पिटाई की।

वडाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर बाबू परमार और उसके लोगों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी, जिसमें 386 (मौत के डर में डालकर जबरन वसूली), 147 (दंगे), 189 (धमकी देना) , लोक सेवक को चोट पहुँचाना), 332 (लोक सेवक को चोट पहुँचाना), 342 (गलत कारावास) और 353 (लोक सेवक पर हमला करना) शामिल हैं।




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पल्लवी मंडावी

पल्लवी मंडावी पत्रकारिता (जर्नलिज्म) में स्नातक हैं और उन्हें मीडिया के क्षेत्र में 7 वर्षों का लंबा और गहन जमीनी अनुभव है। एक प्रखर स्वतंत्र लेखिका (Independent Writer) के रूप में विभिन्न प्रतिष्ठित मंचों में उनके लेख प्रकाशित होते रहते हैं। पल्लवी सामाजिक, राजनीतिक और समसामयिक मुद्दों पर बेहद बेबाकी से लिखती हैं और अपनी धारदार लेखनी के माध्यम से जनसरोकार की आवाज़ को प्रमुखता से सबके समक्ष रखती हैं।
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